
काग की अद्भुत क्षमताएँ: उपकरण बनाने से लेकर इंसान को पहचानने तक
वैज्ञानिकों के अनुसार काग एक अत्यंत बुद्धिमान पक्षी है, जो मनुष्य के चेहरे पहचानने, उपकरण निर्माण करने और जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम है। आमतौर पर काग को केवल सामान्य, आवाज करने या कूड़ा-खोर पक्षी के रूप में देखा जाता है। कुछ लोग इसकी आवाज को अशुभ संकेत भी मानते हैं। लेकिन विज्ञान काग को दुनिया के सबसे बुद्धिमान पक्षियों में से एक मानता है। काग केवल भोजन ढूंढ़कर जीवन यापन करने वाला पक्षी नहीं है, बल्कि यह इंसान के चेहरे याद रखता है, गुस्सा करता है, उपकरण बनाता है, समस्याएँ हल करता है और अपने साथियों के साथ सूचना का आदान-प्रदान भी करता है। अपने मृत साथियों के आसपास जमा होकर ‘शोक सभा’ जैसी क्रियाएँ करना इसकी आदत है, जो वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देती है।
विशेषज्ञों के अनुसार काग का मस्तिष्क क्षमता कई बार बंदर के समान होती है। नेपाल के गांवों से लेकर काठमांडू की भीड़-भाड़ तक, काग ने खुद को सहज रूप से अनुकूलित कर लिया है। कूड़े के ढेर, नदियों के किनारे, खेत-खलिहान, मंदिरों के आसपास या शहर के बिजली के तारों पर — कहीं भी काग आसानी से देखे जा सकते हैं। वन्यजीव फोटोग्राफर राजेश ढुंगाना के मुताबिक काग दुनिया के सबसे अधिक अनुकूलनीय पक्षियों में से एक है। काग नई परिस्थितियों को जल्दी समझता है और भोजन पाने के लिए नए-अनूठे तरीके अपनाता है। जापान में किए गए एक अध्ययन में काग ने अखरोट सड़क पर रखा, गाड़ी गुजरने का इंतजार किया और ट्रैफिक लाइट लाल होने पर आराम से उसे खा लिया।
काग स्वयं उपकरण बनाता है, जो वैज्ञानिकों के लिए चौंकाने वाला प्रमाणित हुआ है। काग ने पत्थर फेंक कर पानी की सतह पर चीजें ऊपर लाने की क्षमता भी दिखायी है। यह ‘कारण और परिणाम’ समझ सकता है। काग की ‘शोक सभा’ तब होती है जब कोई काग मर जाता है और अन्य काग उसकी मृत्यु के बारे में पूछताछ के लिए इकट्ठा हो जाते हैं। काग की सबसे भयावह लेकिन रोचक क्षमता है इंसान के चेहरे पहचानने की शक्ति। अमेरिका में किए गए अध्ययन से यह ज्ञात हुआ कि काग जब विशेष मास्क वाले व्यक्ति को देखता है तो तेज़ आवाज़ करने लग जाता है। यह दिखाता है कि काग न केवल याद रखता है, बल्कि सामाजिक जानकारियाँ साझा करने वाला जीव भी है।
नेपाल में काग का विशेष स्थान है। तिहार के पहले दिन ‘काग तिहार’ मनाया जाता है, जिसमें काग की पूजा की जाती है और उसे भोजन करवाया जाता है। काठमांडू जैसे व्यस्त शहर में भी काग ने खुद को आसानी से अनुकूलित कर लिया है। काग कूड़ा साफ करता है, मृत पशुओं को खाता है, कीड़ों को नियंत्रित करता है और पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मदद करता है। काग की बुद्धिमत्ता और अनुकूलन क्षमता इसे विशेष बनाती है।