Skip to main content
लिपुलेक सम्बन्धी कूटनीतिक नोटको भारतले पठायो जवाफ

भारत ने लिपुलेक संबंधी कूटनीतिक नोट का जवाब भेजा

१८ जेठ, काठमाडौं । नेपाल द्वारा लिपुलेक क्षेत्र के प्रयोग से संबंधित कूटनीतिक नोट भेजने के जवाब में भारत ने नेपाल सरकार को लिखित प्रतिक्रिया भेजी है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने संसद को सूचित करते हुए कहा कि भारत से कूटनीतिक नोट का उत्तर प्राप्त हुआ है। सरकार ने २० वैशाख को नेपाल की जमीन पर आधारित लिपुलेक होते हुए भारत और चीन के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए दोनों पड़ोसी देशों को कूटनीतिक पत्र भेजा था। सभी राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद सरकार ने नेपाल के आधिकारिक क्षेत्र के विषय में दोनों देशों को नोट भेजा था। भारत और चीन ने इस यात्रा को नेपाल की भूमि लिपुलेक से होती हुई संचालित बताया था।

भारत सरकार द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा वर्ष २०२६ के जून से अगस्त तक चलेगी। नेपाल द्वारा नोट भेजने के तुरंत बाद भारत ने कैलाश मानसरोवर यात्रा का इतिहास १९५४ से ही शुरू होने का हवाला दिया था। उस समय भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने इस पर प्रतिक्रिया दी थी। प्रधानमंत्री शाह ने औपचारिक रूप से भारत से प्राप्त उत्तर की जानकारी दी। ‘‘माननीय सदस्य ने लिपुलेक, लिम्पियाधुरा से संबंधित विषय को समझने की कोशिश की, इस पर नेपाल सरकार ने औपचारिक नोट भारत सरकार को भेजा है और जवाब भी आ चुका है,’’ प्रधानमंत्री शाह ने रविवार को नेकपा एमाले सांसद पद्मा अर्याल के प्रश्न के जवाब में कहा।

प्रधानमंत्री ने बताया कि प्राप्त जवाब में समस्या समाधान के लिए वार्ताओं का माध्यम अपनाने पर भी जोर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उस जवाब में दोनों सरकारों ने अपने इतिहासकारों, सर्वेयरों और भूसंबंधी विशेषज्ञों को सात का हिस्सा बनाकर टेबल वार्ता के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की बात कही है।’ प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट करने में कठिनाई जाहिर की कि क्या चीन से भी कूटनीतिक जवाब मिला है या नहीं। लिपुलेक मुद्दे पर न केवल भारत और चीन, बल्कि ब्रिटेन सरकार से भी वार्ता हुई है, इसकी जानकारी उन्होंने दी। नेपाल ने १८१६ में हुई सुगौली संधि सहित अन्य तिथ्यों और प्रमाणों के आधार पर यह दावा किया है कि लिम्पियाधुरा महाकाली नदी का मुख है और यह नेपाल की सीमा में आता है।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ