Skip to main content

सभामुख डोलप्रसाद अर्याल: नेपाली मूल के लोगों को अलग और व्यापक तरीके से समाहित किया जाना चाहिए

१८ जेष्ठ, काठमांडू। सभापति डोलप्रसाद (डीपी) अर्याल ने कहा है कि विश्व के किसी भी देश में रहने वाले नेपाली मूल के लोगों को नेपाल को अलग और व्यापक ढंग से समाहित करना चाहिए। उन्होंने नेपाली मूल के नागरिकों के छाता संगठन एसोसिएशन ऑफ नेपाली ओरिजिन (एएनओ) के प्रतिनिधिमंडल से सोमवार को सिंहदरबार स्थित अपने कार्यकक्ष में भेंट कर इस विषय पर चर्चा की।

सभापति अर्याल ने नेपाली मूल के लोगों को संबोधित करते हुए नेपाल के राष्ट्रीय हित के अनुसार कानून बनाने और आगे बढ़ने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक के दौरान एएनओ के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सुशीलकुमार पंत ने कहा कि चाहे कितनी भी पीढ़ियाँ हों, नेपाली मूल के लोगों को सांस्कृतिक रूप से नेपाल से जोड़ने और जहां कहीं भी वे रहें, नेपालीपन की रक्षा करने के लिए एक ऐसा वातावरण बनाने में एएनओ सक्रिय है।

पंत ने वर्तमान में चर्चा में चल रहे गैरआवासीय नेपाली संबंधित कानून के मसौदे में नेपाली मूल के व्यक्तियों की परिभाषा समेत अन्य विषयों पर अपने संगठन की ओर से दिए गए सुझावों को शामिल करने का आग्रह किया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने एएनओ की ओर से तैयार किया गया ज्ञापन सभापति अर्याल को सौंपा। ज्ञापन में कानून के मसौदे में शामिल कुछ बिंदुओं को असंगत, अव्यावहारिक और विदेशों में पीढ़ियों से बसे नेपाली लोगों को नेपाल से जोड़ने के लिए अपर्याप्त बताते हुए ऐसे प्रावधानों को हटाने की मांग की गई है। एएनओ के प्रतिनिधिमंडल ने परराष्ट्र सचिव अमृत राई से भी भेंट कर उक्त कानून में शामिल करने के लिए सुझावपत्र सौंपा था।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ