
गर्मी में सातु खाना क्यों उपयुक्त माना जाता है?
गेड़ागुड़ी को भूनकर पीसकर तैयार किया जाने वाला सातु नेपाली समुदाय में पारंपरिक, सुपाच्य और ऊर्जादायक आहार है। सातु नेपाल में अत्यंत लोकप्रिय पारंपरिक भोजन के रूप में माना जाता है। इसके साथ जुड़े कई कथाएं और किस्से हमारे समाज में प्रचलित हैं जो इसे पूर्वी सभ्यता के प्राचीन खाद्य पदार्थ के रूप में दर्शाते हैं। मकई, जौ, गेहूं, भटमास, चना जैसे गेड़ागुड़ी को भूनकर पीसकर सातु बनाया जाता है। स्वादानुसार अन्य गेड़ागुड़ी भी मिलाई जा सकती हैं और चीनी या गूड़ जैसी मिठास भी डाली जाती है। तैयार सातु को दूध, दही या मोही के साथ सेवन करने पर स्वाद और भी बढ़ जाता है। नेपाल में अक्षय तृतीया के दिन सातु और सर्वत बांटने की परंपरा है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में सातु के सेवन को सराहा जाता है। यह आसानी से पचने वाला, ठंडक देने वाला और ऊर्जा देने वाला आहार होता है।
गर्मी के दौरान शरीर को ठंडा रखने, निर्जलीकरण से बचाने और आवश्यक पोषण प्रदान करने के लिए सातु एक उत्कृष्ट विकल्प माना जाता है। पुराने ज़माने में लोग लंबी यात्राओं में सातु साथ लेकर चलते थे क्योंकि इसका वहन आसान था और यह लंबे समय तक खराब नहीं होता था, जिससे भूख और भोजन की कमी के बावजूद शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती थी। आजकल भी संतुलित आहार के लिए सुबह सातु का सेवन जैसे चना और जौ की सातु करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। सातु में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व अत्यंत समृद्ध हैं। 100 ग्राम सातु में औसतन 20-26 ग्राम प्रोटीन, 60-65 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9-18 ग्राम फाइबर, 5-7 ग्राम फैट और 380-413 किलो कैलोरी ऊर्जा होती है। इसमें कैल्शियम (150-380 मिग्रा), मैग्नीशियम (180-270 मिग्रा), आयरन (8-9 मिग्रा) और पोटैशियम (825-900 मिग्रा) जैसे खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
सातु प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है जो मांसपेशियों के निर्माण और शरीर की मरम्मत में सहायता करता है। उच्च फाइबर पाचन प्रक्रिया को सुधारता है और लंबे समय तक पेट भरा रहने का अनुभव कराता है। इसकी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (30-35) रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद करती है, जो गर्मी में मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी है। आयुर्वेद के अनुसार सातु ठंडक प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है। गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने से पित्त दोष उत्पन्न होता है। सातु पित्त दोष को कम करने में सहायक होता है। पानी में मिलाकर सेवन करने से शरीर का आंतरिक तापमान कम होता है और गर्मी से होने वाली जलन, थकान तथा सिरदर्द जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।