
फीफा के पानी की बोतल प्रतिबंध के खिलाफ तापमान विशेषज्ञों का विरोध
फीफा ने सुरक्षा कारणों से 2026 विश्व कप के शुरू होने से 7 दिन पहले स्टेडियम के अंदर पुनः उपयोग होने वाली पानी की बोतलें लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अत्यधिक गर्मी वाले 16 में से 14 खेल स्थलों पर बोतल प्रतिबंध लगाए जाने से दर्शकों में स्वास्थ्य जोखिम बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते तापमान विशेषज्ञों ने इस निर्णय की निंदा की है। फैंस इस निर्णय को पैसे कमाने का जरिया मान रहे हैं, जबकि फीफा ने गर्मी नियंत्रण के लिए कूलिंग टेंट और पानी के स्टेशन उपलब्ध कराने की बात कही है।
२२ जेठ, काठमाण्डौ – फीफा ने 2026 विश्व कप से पहले अपनाए गए नए नियम के कारण फैंस के स्वास्थ्य को खतरा होने की आशंका जताई जा रही है और इसकी आलोचना हो रही है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए फीफा ने स्टेडियम के अंदर पुनः उपयोग करने वाली पानी की बोतलें लाने पर रोक लगा दी है। यह निर्णय टूर्नामेंट के शुरू होने से मात्र सात दिन पहले लिया गया है।
पहले के नियमों में स्टेडियम के आधिकारिक आचारसंहिता में कहा गया था, ‘स्पष्टता के लिए खाली, पारदर्शी और पुनः उपयोग करने योग्य 1 लीटर तक की प्लास्टिक बोतल स्टेडियम में लाने की अनुमति है।’ लेकिन अब फीफा ने बोतल, कप, जार और कैन सभी प्रतिबंधित कर दिए हैं। फीफा के अनुसार, यह कदम खेलाड़ी एवं अन्य लोगों को बोतल फेंकने के संभावित जोखिम से बचाने के लिए उठाया गया है। “फीफा सभी खिलाड़ियों, रेफरी, फैंस, स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध है,” फीफा ने बताया है।
दर्शक स्टेडियम के भीतर पानी खरीद सकेंगे और फीफा ने वादा किया है कि पानी की कीमत सामान्य स्तर से अधिक नहीं होगी। लेकिन तापमान विशेषज्ञों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि यह गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है। एक विशेषज्ञ ने बताया कि यह प्रतिबंध ‘‘हिट-रिलेटेड’’ स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को स्पष्ट रूप से बढ़ाएगा।
मई महीने में वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी थी कि फीफा की गर्मी प्रबंधन योजना पर्याप्त नहीं है क्योंकि 16 में से 14 खेल स्थलों पर खतरनाक स्तर का तापमान पहुंचने की संभावना है। फीफा ने कहा है कि आयोजक शहर और स्थानीय निकायों के साथ मिलकर गर्मी नियंत्रण के उपाय जैसे मिस्टिंग स्टेशन, पंखे, पानी पीने के स्टेशन और कूलिंग टेंट उपलब्ध कराएंगे। फीफा ने बताया कि स्टेडियम के अंदर पानी की कीमत अन्य कार्यक्रमों के समान सामान्य रहेगी।
यह नीति परिवर्तन पहले से ही टिकट की ‘अत्यधिक कीमत’ और महंगे परिवहन किराये को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। पिछले विश्व कप (कतर) में भी स्टेडियम के अंदर बोतल लाने पर प्रतिबंध था। इस निर्णय की इंग्लैंड समेत अन्य देशों के समर्थकों द्वारा ‘अचरज भरा निर्णय’ के रूप में आलोचना की जा रही है। उनके अनुसार, कई फैंस इसे ‘पैसा कमाने का एक और तरीका’ मान रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अत्यधिक गर्मी वाले स्टेडियमों में दर्शकों को पानी लाने से रोकना उचित नहीं है। इसलिए, वे स्टेडियम में मुफ्त पानी के फाउंटेन उपलब्ध कराने की भी उम्मीद कर रहे हैं।