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पुटिन ने ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को ठुकराया

२३ जेठ, काठमाडौं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुटिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की के वार्ता प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उन्होंने ज़ेलेंस्की के व्यवहार की भी आलोचना की है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मंच में शुक्रवार को हुई चर्चा में पुटिन ने ज़ेलेंस्की के पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को पुटिन को युद्धविराम के लिए मिलने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा था। उस पत्र में उन्होंने पुटिन की उम्र, रूस की आर्थिक संकट और बढ़ते सैन्य नुकसान का उल्लेख किया था। उन्होंने लिखा था, “२६ वर्ष सत्ता में रहने से उम्र का प्रभाव दिखाई देता है। समय के साथ आपकी निराशा और बढ़ेगी।”

पुटिन ने इस आलोचना का जवाब देते हुए अपने प्रति की गई टिप्पणी का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘मेरी उम्र पर चर्चा की गई है। कुछ विश्व नेता मुझसे कहीं अधिक उम्र के हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि आप अपने काम को कितनी दक्षता से कर पाते हैं।’ पुटिन ने दावा किया कि उन्होंने वार्ता को कभी अस्वीकार नहीं किया है और कहा कि वार्ता के लिए उचित तैयारी आवश्यक है। उन्होंने पिछले वर्ष अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हुई सहमति को वार्ता का आधार बताया, जिसके अनुसार यूक्रेन को डोनबास क्षेत्र छोड़ना होगा। लेकिन यूक्रेन ने इस सहमति का विरोध करते हुए पत्र में लिखा, ‘हमने सुना है कि अलास्का में आपको यूक्रेन और यूरोप के कुछ मुद्दे हल करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आप समझ सकते हैं कि यूक्रेनी और यूरोपीय मामलों का निर्णय एंकोरेज में नहीं होता।’

क्रेमलिन यूक्रेन से अपने चार क्षेत्रों से सेना वापस करने का आग्रह करता रहा है। पुटिन ने दावा किया कि केवल यूक्रेन वार्ता के लिए इच्छुक है और वह केवल रूसी आक्रमण को रोकने के लिए वार्ता की मांग कर रहा है। उन्होंने अपने सैनिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, ‘काम जारी रखें।’ पुटिन के इन बयान के बाद ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार शाम एक बयान जारी किया। बयान में उन्होंने कहा कि रूस ने फिर से युद्ध चुना है। उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से रूस ने पुनः युद्ध को अपनाया है। वे इस युद्ध को समाप्त नहीं करना चाहते। इस कमजोर प्रतिक्रिया से कई लोग निराश होंगे।’ ज़ेलेंस्की ने कहा कि अब रूस पर और आर्थिक दबाव बढ़ाने की जरूरत है। यूक्रेन रूस के युद्ध कोष को क्षति पहुँचाने के लिए उसकी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहा है।

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