
गर्मी में फेवाताल में कायाकिंग और स्टैंड अप पैडल बोर्डिंग की बढ़ती लोकप्रियता
गर्मी बढ़ने के साथ ही पोखरा के फेवाताल में ठंडा माहौल और साहसिक जलक्रीड़ाओं में जुटने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। फेवाताल आने वाले युवा अब कायाकिंग और स्टैंड अप पैडल बोर्डिंग में काफी रुचि दिखा रहे हैं। जलक्रीड़ा में लगे पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालकों ने लाइफ जैकेट का अनिवार्य उपयोग करने का आग्रह किया है। २३ जेठ, पोखरा।
हाल के समय में बढ़ती गर्मी के कारण पर्यटक ठंडक, मनोरंजन और साहसिक अनुभव के लिए पोखरा के फेवाताल की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से भरे फेवाताल में आंतरिक और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से विभिन्न जलक्रीड़ाओं की लोकप्रियता भी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। विशेषकर युवाओं के बीच कायाकिंग और स्टैंड अप पैडल बोर्डिंग (एसयूपी) पसंदीदा गतिविधियां बनती जा रही हैं।
ताल के शांत पानी पर स्वयं पैडल चलाकर आनंद लेने वाले ये खेल साहसिक पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में स्थापित हो रहे हैं। फेवाताल के लेकसाइड क्षेत्र में संचालित अनेक वाटर स्पोर्ट्स सेंटर पर्यटकों को कायाकिंग और एसयूपी की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। ताल के किनारे से आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के साथ सेवा मिलने के कारण पर्यटक निस्चिंत होकर जलक्रीड़ा का आनंद लेते हैं।
कायाकिंग के लिए सामान्यतः प्रति घंटे २०० से १,००० रुपये तक शुल्क लगता है, जैसा व्यवसायी बताते हैं। सुबह के शांत मौसम या दोपहर के समय यह गतिविधि करने के लिए उपयुक्त मानी जाती है। लेकसाइड के बाराही घाट, ड्यामसाइड आदि स्थानों से सहजता से यह सेवा प्राप्त की जा सकती है। फेवाताल में पिछले वर्षों से स्टैंड अप पैडल बोर्डिंग का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। इस गतिविधि में पैडलबोर्ड पर खड़े होकर संतुलन बनाए रखते हुए पैडल चलाना होता है, जिससे मनोरंजन के साथ-साथ शरीर को भी व्यायाम मिलता है।
जलक्रीड़ा के साथ-साथ पर्यटक डोंगा सैर का भी आनंद ले रहे हैं। फेवाताल के मध्य भाग में स्थित तालबाराही मंदिर तक डोंगा यात्रा और ताल के मनमोहक दृश्यावलोकन जैसी गतिविधियों ने पोखरा आने वाले पर्यटकों के समय को और आकर्षक बना दिया है। जलक्रीड़ाओं में शामिल होने वालों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाती है। वाटर स्पोर्ट्स संचालकों ने लाइफ जैकेट को अनिवार्य रूप से पहनने की सलाह दी है। मौसम खराब होने या तेज हवा चलने पर ताल के बीचों-बीच जाने से बचने की भी हिदायत दी जाती है। तापमान वृद्धि के कारण पोखरा के फेवाताल क्षेत्र में रोजाना आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।