
चीन और उत्तर कोरिया के बीच सहयोग विस्तार की सहमति
२६ जेठ, काठमाडौं । उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच प्योंगयांग में हुई शिखर वार्ता में राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार करने की सहमति हुई है। उत्तर कोरियाई सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने मंगलवार इस जानकारी को साझा किया है। शीर्ष नेताओं की इस बैठक ने दोनों देशों के संबंधों में एक नया अध्याय भी शुरू किया है। चीन के एकमात्र औपचारिक संधि-कार्य सहयोगी उत्तर कोरिया के सात वर्षों बाद पहली बार आए शी ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा था।
KCNA के अनुसार दोनों नेताओं ने उच्च स्तरीय अधिकारियों के दौरों के माध्यम से रणनीतिक संवाद को और सुदृढ़ करने पर सहमति बनाई है, जिसके बारे में रॉयटर्स ने भी बताया है। किम ने बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच भी चीन द्वारा प्रस्तावित ‘एक चीन सिद्धांत’ का पूर्ण समर्थन करने की बात कही है। बीजिंग इस सिद्धांत के तहत ताइवान जलडमरूमध्य के दोनों किनारों को एक ही देश का हिस्सा मानता है। चीन ने लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था वाले ताइवान को अपने क्षेत्र का हिस्सा माना है और आवश्यक होने पर बल प्रयोग करके भी इसे नियंत्रण में लाने का विकल्प छोड़ा नहीं है। वहीं, ताइपेई चीन की सार्वभौमिकता की मांग को स्वीकार नहीं करता है।
इसी बीच मंगलवार को शी ने प्योंगयांग में स्थित सीनो कोरियन फ्रेंडशिप टावर का दौरा किया। यह स्मारक कोरियाई युद्ध में जान गंवाने वाले चीनी सैनिकों की याद में बनाया गया है, जैसा कि चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने बताया है। दोनों नेताओं के बीच आगे वार्ता होगी या नहीं, इसकी तत्काल कोई स्पष्टता नहीं है, लेकिन उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने वाली एक राजनीतिक विद्यालय के परिसर में संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया है। शिन्हुआ के अनुसार यह वृक्ष ‘लगातार नवीनीकरण होती मित्रता’ का प्रतीकात्मक संदेश देता है।