मधेश प्रदेश के ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ कार्यक्रम में संशोधन
१ असार, जनकपुरधाम। मधेश प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ कार्यक्रम’ में संशोधन करते हुए इसे ‘मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार कार्यक्रम’ में परिवर्तित कर दिया है। आर्थिक वर्ष २०८३/८४ का बजट प्रस्तुत करते समय अर्थमंत्री युवराज भट्टराई ने आगामी दिनों में ‘शिक्षित बेटी, सुरक्षित मधेश! उद्यमशील महिला समृद्ध मधेश’ के नारे के साथ यह नया कार्यक्रम संचालित करने की जानकारी दी।
मधेश प्रदेश की पहली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ कार्यक्रम’ की शुरुआत की थी। थोड़े ही समय में यह योजना मधेश प्रदेश की सबसे चर्चित और लोकप्रिय योजना बन गई थी। इसके अंतर्गत साइकल वितरण, बेटी बीमा, लोकसेवा तैयारी कक्षाएं आदि कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी प्रसिद्ध थे। तत्कालीन प्रदेश सरकार इसे अपनी एक गर्व की योजना मानकर आगे बढ़ा रही थी। लेकिन, साइकल खरीद में पाए गए अनियमितताओं और तत्कालीन मुख्यमंत्री लालबाबु राउत के भी आरोपित होने के बाद यह योजना बदनाम हो गई और ‘मुख्यमंत्री बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ कार्यक्रम अलपत्र रह गया।