१०० महिलाओं द्वारा शुरू किया गया ‘प्लस साइज’ पहनावे का व्यवसाय
नेपाल में कपड़ा उत्पादन की शुरुआत करने वाली सिस्टरहुड क्लोथिंग में अब विभिन्न पेशों और क्षेत्रों की १०० महिलाएं जुड़ी हैं। महिलाओं के लिए प्लस साइज कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी पोखरा सहित देश के प्रमुख १० शहरों में अपनी शाखाएं बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। वे ठीक १०० महिला हैं। उम्र, पेशा और पृष्ठभूमि चाहे भिन्न हो, पर उनके सपने और व्यवसाय की राह एक समान है। नाम है, सिस्टरहुड क्लोथिंग। कैसे १०० महिलाओं ने एक व्यवसाय में सहमति बनाई और सहयोग किया? इसकी कहानी शुरू होती है लगभग १५ साल पहले। उस वक्त वे १०० नहीं, केवल दो पति-पत्नी थे, जो एक सामान्य कपड़ा दुकान चलाते थे। अब यह व्यवसाय १०० महिलाओं के हाथों में है।
सिस्टरहुड क्लोथिंग की सह-संस्थापक एंजिला श्रेष्ठ के अनुसार, व्यवसाय की शुरुआत एक सामान्य आयात-आधारित मॉडल से हुई थी। वे और उनके पति थाईलैंड से कपड़ा आयात कर नेपाल में बेचते थे। उस वक्त बाजार में मौजूद अन्य कपड़ा विक्रेताओं की तरह उनकी भी आयातित माल पर निर्भरता थी। परंतु वर्ष २०२० में आई कोविड-१९ महामारी ने व्यवसाय को चुनौती दी। अंतरराष्ट्रीय परिवहन प्रभावित हुआ, सामान आना मुश्किल हुआ और लागत भी बढ़ गई। ग्राहक की क्रयशक्ति घट रही थी, जिससे व्यवसाय चलाना कठिन होता गया।
“एक समय व्यवसाय बंद करने का विचार तक आया,” एंजिला बताती हैं। “उस समय हमने नेपाल में ही उत्पादन करने की संभावना पर सोचा। अपनी खुद की डिजाइन, उत्पादन और ब्रांड बनाने का निर्णय लिया।” इसके बाद उन्होंने अपना कारखाना स्थापित कर ‘मेड इन नेपाल’ उत्पाद बनाना शुरू किया। इससे लागत नियंत्रण में आसानी हुई तथा नए डिजाइन विकसित करने और बाजार के अनुरूप उत्पादन करने में सुविधा मिली।
ऑनलाइन ऑर्डर के दौरान जब ग्राहक द्वारा प्लस साइज कपड़ों की माँग आई, तो कंपनी ने एक नई संभावना देखी। कई महिलाएं पसंदीदा डिजाइनों में उचित साइज न मिलने की शिकायत करती थीं। “तब हमने समझा कि प्लस साइज बाजार में बड़ी क्षमता है,” श्रेष्ठ बताती हैं। “कई ब्रांड इस वर्ग को प्राथमिकता नहीं देते, इसलिए हमने विशेष रूप से इस क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।”
अब कंपनी १२०-१३० किलो तक की महिलाओं के लिए ब्लेज़र सेट, फॉर्मल पैंट, टॉप, जीन्स और कॉटन ड्रेस जैसे कपड़े बनाती है। कंपनी का सबसे लोकप्रिय उत्पाद ब्लेज़र सेट है। १०० महिलाओं के सहयोग से कारखाना स्थापित होने के बाद व्यवसाय तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन एंजिला को लगा कि सीमित लोगों के प्रयास से व्यवसाय को बड़ी पहचान नहीं मिल सकती। इसलिए उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और व्यवसाय की साझेदार बनाने की सोच के साथ नया अवधारणा ‘सिस्टरहुड’ जन्मी।
“एक व्यक्ति के व्यवसाय से जो प्रभाव होता है, १०० लोगों के साथ वह सौ गुना बढ़ जाता है,” वे कहती हैं। उन्होंने महिलाओं को केवल ग्राहक नहीं बल्कि मालिक बनाने का दृष्टिकोण अपनाया। जब उन्होंने यह विचार सोशल मीडिया पर साझा किया तो अपेक्षा से अधिक महिलाओं ने रुचि दिखाई। उन्होंने विभिन्न चरणों में बैठकों का आयोजन किया, जहाँ संभावित सदस्यों को योजना, जोखिम, निवेश और भविष्य के लक्ष्य विस्तार से बताये गए। लगभग पाँच-छ महीने के प्रयास के बाद १०० महिलाएं जुड़ीं और ‘सिस्टरहुड क्लोथिंग’ औपचारिक रूप से शुरू हुआ।
गृहिणी से लेकर डॉक्टर, शिक्षक, बैंककर्मी, कोरियोग्राफर, छात्राएं, ब्युटिशियन और अन्य पेशेवर सिस्टरहुड की सदस्य हैं। इससे विभिन्न अनुभवों और कौशल का संचार हुआ है। “हम अपनी विविधता में ही शक्ति पाते हैं,” श्रेष्ठ कहती हैं।
प्रत्येक महिला ने दो लाख रुपये का निवेश किया है। इस निवेश से व्यवसाय के विकास, उत्पादन विस्तार और ब्रांड निर्माण में मदद मिली है। कुछ सदस्यों ने इस अवसर के लिए विशेष प्रयास किए, जैसे एक सदस्य ने एक तोला सोना बेचकर भी भागीदारी जताई। यह निवेश सिर्फ आर्थिक सहभागिता नहीं बल्कि व्यवसाय की हिस्सेदारी का अनुभव भी हुई।
पारदर्शिता बनाये रखने के लिए सिस्टरहुड ने तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया है। मोबाइल एप के माध्यम से सदस्य दैनिक कारोबार, स्टॉक, बिक्री और मुनाफा देख सकते हैं। इसके साथ ही स्टोर में लगे सीसीटीवी सिस्टम में सदस्यों की पहुँच है। “पारदर्शिता को प्राथमिकता देने से १०० महिलाओं के बीच विश्वास मजबूत हुआ है,” एंजिला बताती हैं।
कंपनी में वर्तमान में ९ लोग सीधे काम कर रहे हैं, लेकिन इसका प्रभाव सोशल मीडिया सामग्री निर्माण, फोटो शूट, मॉडलिंग, प्रचार-प्रसार और डिजिटल मार्केटिंग के जरिए अन्य महिलाओं तक फैलता जा रहा है। कंपनी मॉडलिंग और वीडियो सामग्री निर्माण के लिए महिलाओं को पारिश्रमिक भी देती है।
ग्राहक सेवा में सिस्टरहुड क्लोथिंग विशेष ध्यान देता है। नेपालभर कैश-ऑन-डिलीवरी सुविधा उपलब्ध कराता है, साथ ही कई ऑनलाइन व्यवसायों की तुलना में अग्रिम भुगतान और सख्त एक्सचेंज नीतियों के बजाय लचीली नीतियां अपनाई गई हैं। आवश्यकतानुसार एक्सचेंज और रिफंड को प्राथमिकता देने से ग्राहकों का विश्वास बना हुआ है। “हम ग्राहक को सम्मान की संस्कृति में विश्वास करते हैं,” एंजिला कहती हैं।
एंजिला श्रेष्ठ का व्यक्तिगत सफर भी रोचक है। उन्होंने प्रबंधन विषय का अध्ययन किया था और शुरू में बैंकिंग क्षेत्र में जाने का सोचा था, लेकिन रेडियो में काम का मौका मिलने पर उन्हें संचार क्षेत्र में अवसर मिला। उन्होंने विभिन्न रेडियो और टेलीविजन पर समाचार प्रस्तोता और रिपोर्टर के रूप में काम किया। बाद में उद्यमशीलता की दिशा में सक्रिय हुईं।
अब कंपनी पोखरा में शाखा खोलने की तैयारी कर रही है, साथ ही देश के प्रमुख शहरों में कम से कम १० शाखाओं के संचलन की दीर्घकालीन योजना है। शाखा विस्तार से मिलने वाला लाभ भी सदस्यों में बांटा जाएगा।
सिस्टरहुड क्लोथिंग का लक्ष्य केवल कपड़ा बेचना नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा संचालित, विश्वसनीय और लोकप्रिय एक नेपाली ब्रांड बनना है। गुणवत्ता, उचित मूल्य, ग्राहक सेवा और पारदर्शिता बनाए रखने पर सिस्टरहुड नेपाली फैशन उद्योग में विशिष्ट पहचान बनाएगा। इसी साझा सपने, निवेश और नेतृत्व पर आधारित सिस्टरहुड महिला सशक्तिकरण का व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करता है।