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मोदी और ट्रम्प के बीच नए अध्याय की तलाश – जी-7 शिखर सम्मेलन में बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवीयन में द्विपक्षीय हित और व्यापारिक समझौतों पर 55 मिनट की बातचीत हुई। राष्ट्रपति ट्रम्प ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतिम चरण में पहुंचने का उल्लेख करते हुए भारतीय प्रधानमंत्री मोदी को ‘कठिन’ वार्ताकार के रूप में चित्रित किया। उन्होंने भारत पर हमला होने की स्थिति में सैन्य सहयोग का वचन दिया और होर्मुज स्ट्रेट में नौसैनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा की। 4 जेठ, काठमांडू।

द्विपक्षीय संबंधों में आई शीतलता के बाद पिछले एक वर्ष से अधिक समय में पहली बार मोदी और ट्रम्प ने बुधवार को संतुलित शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जल्द ही व्यापार समझौता होगा, सुरक्षा क्षेत्रों में रणनीतिक प्रतिबद्धता बनी रहेगी और दक्ष भारतीय पेशेवरों के लिए आशाएं उत्पन्न होंगी, जिससे सकारात्मक भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत हुई।

यह बैठक पूर्वी फ्रांस के एवीयन-ले-बेंज में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के साइडलाइन में हुई। बैठक के बाद मोदी ने कहा, ‘एवीयन में राष्ट्रपति ट्रम्प से मिलकर खुशी हुई। हमने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, प्रौद्योगिकी और जन जन संबंधों में द्विपक्षीय सहयोग की निरंतर प्रगति की समीक्षा की।’ उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने को विश्व अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल के अनुसार दोनों नेताओं ने ‘भारत-अमेरिका संधि’ के तहत रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और जन जन संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। ट्रम्प ने कहा, ‘यदि किसी ने उस व्यक्ति (मोदी) पर हमला किया, तो हम वहां मौजूद होंगे।’

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