Skip to main content

विश्व कप में डेविस कनाडा के कप्तान, लेकिन उनकी कहानी कनाडा से शुरू नहीं हुई

काठमाडौं । अल्फोन्सो डेविस.. रंगशाला में हजारों समर्थक उनका नाम लेकर चिल्ला रहे होते हैं। राष्ट्रीय गान बजते समय वे टीम में सबसे आगे खड़े होते हैं। विश्व फुटबॉल के बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। आज उनकी जीत कनाडा की जीत है। उनकी सफलता कनाडा का गर्व है। लेकिन उनकी कहानी कनाडा से शुरू नहीं होती। क्योंकि वे कनाडा के कप्तान हैं, लेकिन उनका जन्म कनाडा में नहीं हुआ। आज से २५ साल पहले उनका न कोई देश था और न घर था। केवल एक युद्ध से बचा जीवन था। लाइबेरिया के गृहयुद्ध ने उनकी सब कुछ छीन लिया था। वे शरणार्थी थे, जो आज शक्तिशाली देश कनाडा के कप्तान बनकर खड़े हैं। कप्तान अल्फोन्सो डेविस की जीवनकथा किसी फिल्म से कम नहीं है। और उनका जीवन मार्ग किसी नायक से अलग नहीं है।

युद्ध ने बदला जीवन सन् १९८९ में शुरू हुआ गृहयुद्ध वहां के लाखों परिवारों के अस्तित्व और जीवन की दिशा ही बदल दी। युद्ध ने केवल देश को तोड़ा नहीं, हजारों परिवारों की जिंदगी तहस-नहस कर दी। गांव उजाड़ हो गए, लोग मरे। लाखों नागरिक विस्थापित हुए। डेविस के माता-पिता को भी अंततः कठोर निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने अपना घर छोड़ा, अपने देश के साथ अपने सपने छोड़े और अपनी यादें भी। अपनी जान बचाने के लिए। वे घाना पहुंचे। वहां उन्होंने बुडुबुराम शरणार्थी शिविर में आश्रय पाया। उसी शिविर में २००० नवम्बर २ को अल्फोन्सो डेविस का जन्म हुआ। वह स्थान उनके अपने देश का हिस्सा नहीं था। वे सुविधासम्पन्न अस्पताल में नहीं थे। वह ऐसा जगह था जहां लोग भविष्य बनाने नहीं, बल्कि भविष्य बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। जहां हर सुबह नई अनिश्चितता के साथ शुरू होती थी और कोई नहीं जानता था कि कल क्या होगा।

डेविस ने अपने जीवन का पहला अध्याय शुरू किया। वे अपने बचपन के दिनों को ज्यादा याद नहीं करते। लेकिन उनके माता-पिता के संघर्ष ने उनके पूरे जीवन को आकार दिया है। वे चाहते थे कि उनके बच्चे वे जीवन न jिएं जो उन्होंने जिया था। इसके लिए वे किसी भी कठिनाई का सामना करने को तैयार थे और इसलिए वे पहुंचे कनाडा। नया देश, नई शुरुआत डेविस जब पाँच साल के थे, तब परिवार की जिंदगी में बड़ा मोड़ आया। कनाडा ने उन्हें शरणार्थी के रूप में पुनर्वास दिया था। सन् २००६ के आसपास वे कनाडा पहुंचे और एडमंटन, अल्बर्टा में नया जीवन शुरू किया। वहां पहुंचने के बाद परिवार की हालत अचानक नहीं बदली थी। वे युद्ध से दूर थे लेकिन आर्थिक संघर्ष अभी भी था। नया संघर्ष अब शुरू होना था।

जवाफ लेख्नुहोस्

तपाईँको इमेल ठेगाना प्रकाशित गरिने छैन। अनिवार्य फिल्डहरूमा * चिन्ह लगाइएको छ