संयुक्त राष्ट्र छानबिन आयोग ने गाजा में बालबालिकाओं को निशाना बनाकर इजरायल पर नरसंहार और युद्ध अपराध का आरोप लगाया
संयुक्त राष्ट्र संघ की छानबीन आयोग ने इजरायल पर आरोप लगाया है कि उसने जानबूझकर गाजा में फिलीस्तीनी बालबालिकाओं को निशाना बनाया है, जिससे नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराध हुए हैं। आयोग ने इजरायल के नियंत्रण वाले वेस्ट बैंक में भी युद्ध अपराध होने की बात कही है।
राष्ट्रसंघ के आयोग की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि इजराइली संस्थाएं और सुरक्षा बल “लाखों फिलीस्तीनी बालकों की मौत और गंभीर शारीरिक और मानसिक क्षति पहुंचाने वाले कार्यों को जानबूझकर अंजाम दे रहे हैं।” रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अक्टूबर के युद्धविराम के बाद भी हत्याकांड जारी हैं। आयोग ने निष्कर्ष निकाला है कि ये कार्य बालबालिकाओं को “लक्षित कर गाजा में फिलीस्तीनी बच्चों के भविष्य को मिटाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति का हिस्सा हैं।”
इजराइली विदेश मंत्रालय ने आयोग की रिपोर्ट को “पूर्ण रूप से नकारते हुए” इसे “अपमानजनक झूठ” और “पहले जैसी प्रचारबाज़ी” बताया है। ७ अक्टूबर २०२३ को दक्षिण इजरायल पर हमास के अप्रत्याशित हमले के जवाब में इजराइली सेना ने गजा में सैन्य अभियान शुरू किया था।
गाजा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली हमले में कम से कम ७३,०३५ लोग मारे गए हैं, जिनमें २१,२८० से अधिक बच्चे शामिल हैं। आयोग ने इजरायली सैन्य कार्रवाई को “गहरी और योजनाबद्ध” बताकर कहा है कि इसने “फिलीस्तीनी बालकों में अभूतपूर्व मौतों और चोटों” को जन्म दिया है।