नेपाल की अर्थव्यवस्था में निजी शिक्षा का योगदान 1 खरब 60 अरब, निवेश 3 खरब से अधिक
१० असार, काठमांडू। नेपाल की अर्थव्यवस्था में निजी शिक्षा ने वार्षिक 1 खरब 60 अरब रुपैयाँ के बराबर योगदान दिया है। राष्ट्रीय तथ्यांक कार्यालय ने नेपाल शिक्षण संस्था सर्वेक्षण २०८१ के परिणाम जारी किए हैं। इसके अनुसार, सरकारी स्वामित्व के अलावा की शिक्षण संस्थाओं ने लगभग 1 खरब 60 अरब रुपैयाँ की कुल मूल्य वृद्धि की पुष्टि की है। कार्यालय ने 1 साउन २०८० से २०८१ असार तक की अवधि को संदर्भ काल मानकर सर्वेक्षण चलाया था। तथ्यांक संग्रह का कार्य वैशाख-असार २०८२ में पूरा किया गया। उपप्रमुख तथ्यांक अधिकारी ढुन्डीराज लामिछाने के अनुसार, नेपाल के निजी शिक्षण संस्थानों में कुल निवेश 3 खरब 9 अरब 21 करोड़ रुपैयाँ पहुंच चुका है। संदर्भ वर्ष में निजी शिक्षण संस्थाओं का कुल उत्पादन लगभग 1 खरब 95 अरब रुपैयाँ के आसपास रहा।
इस उत्पादन हेतु मध्यवर्ती उपभोग में 35 अरब 40 करोड़ रुपैयाँ खर्च हुए हैं। एक वर्ष में निजी शिक्षण संस्थाओं का कुल संचालन खर्च 1 खरब 14 अरब रुपैयाँ के बराबर रहा। इन संस्थाओं ने कर्मचारियों के वेतन, मजदूरी और अन्य सुविधाओं पर लगभग 75 अरब रुपैयाँ खर्च किए, जो तथ्यांक में दर्शाया गया है। सरकारी शिक्षण संस्थाओं के अलावा निजी, सामुदायिक, गुठी सहित विभिन्न विद्यालय, क्याम्पस और तकनीकी-व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों के आंकड़े सर्वेक्षण में शामिल किए गए हैं। प्रदेशवार देखें तो सबसे अधिक निवेश बागमती प्रदेश में हुआ है, जहां 1 खरब 28 अरब 84 करोड़ रुपैयाँ का निवेश दर्ज किया गया है। कर्णाली प्रदेश में केवल 5 अरब 42 करोड़ रुपैयाँ का निवेश पाया गया है।
देशभर में 10,411 निजी शिक्षण संस्थाएं हैं, जिनमें सबसे अधिक बागमती में 2,903 और सबसे कम कर्णाली में 375 संस्थाएं हैं। निजी शिक्षा में औसत मासिक शुल्क 3,300 रुपैयाँ है। बागमती प्रदेश में मासिक शुल्क सबसे महंगा 5,100 रुपैयाँ है, जबकि सुदूरपश्चिम प्रदेश में सबसे कम 2,000 रुपैयाँ मासिक शुल्क लागू है। निजी शिक्षण संस्थाओं में लगभग 37 लाख 50 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 10 लाख 80 हजार छात्र स्कूल के यातायात सेवा का उपयोग कर रहे हैं। 28,235 भवन और लगभग 2 लाख कक्षाएं हैं, जो तथ्यांक में प्रदर्शित हैं।