इरान के मिसाइल और ड्रोन हबों पर अमेरिका का हवाई हमला, अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर इरानी प्रत्युत्तर हमला
अमेरिका ने इरान के मिसाइल, ड्रोन हब और रडार साइटों को निशाना बनाकर लगभग एक घंटे तक हवाई हमला किया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जारी युद्धविराम उल्लंघन के कारण इरान के अस्तित्व को खतरे में बताया है। इरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। १४ जून, काठमांडू। अमेरिका ने शुक्रवार को इरान पर लगभग एक घंटे तक हवाई हमला किया। अमेरिकी सेना ने इरान के मिसाइल और ड्रोन हबों के साथ-साथ तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इरान द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन किए जाने पर जवाबी कार्रवाई की गई है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, २५ जून को इरान ने होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर के कार्गो जहाज ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था। वहीं, इरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने इसका जवाब देते हुए इस क्षेत्र के अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इरानी संसद सदस्य इब्राहिम अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘अमेरिका ने फिर से युद्ध जारी है कहकर इरान पर हमला किया है। यह युद्धविराम उल्लंघन अमेरिका के लिए पछतावे और पीछे हटने की स्थिति पैदा करेगा।’
इरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों में समर्थन करने वाले नाटो सदस्य देशों को जवाबी कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाया है। इरानी विदेश मंत्रालय ने उन देशों से स्पष्ट करने को कहा है कि उन्होंने सैन्य कार्रवाई में समर्थन क्यों दिया। बीबीसी के अनुसार, इरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार सुबह बताया कि उन्होंने ‘कुवैत में अली अल-सलेम एयरबेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय से जुड़े आठ ठिकानों’ को निशाना बनाया है। आईआरजीसी के अनुसार, यह हमला एक संयुक्त अभियान का हिस्सा था जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का उपयोग किया गया था।
प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि ये हमले हाल की अमेरिकी हमलों के जवाब में किए गए हैं। ट्रम्प ने कहा, ‘यदि युद्धविराम उल्लंघन जारी रहा, तो इरान के अस्तित्व का अंत होगा।’ अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने विवादों का समाधान वार्ता से करने की आवश्यकता बताई और हिंसा जारी रहने पर उसके अनुसार जवाब देने की चेतावनी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘यदि समझौते पर मतभेद है, तो इरान को फोन पर संवाद करना चाहिए।’