उपराष्ट्रपति जेडी भान्स का नागरिकता संबंधी सर्वोच्च अदालत के फैसले पर कड़ा विरोध
अमेरिकी सर्वोच्च अदालत ने जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को सीमित करने वाले ट्रम्प प्रशासन के आदेश को रद्द करते हुए पुरानी व्यवस्था को बरकरार रखा है। उपराष्ट्रपति जेडी भान्स ने अदालत के फैसले को ‘अत्यंत निराशाजनक’ बताते हुए कहा है कि ट्रम्प प्रशासन कानूनी विकल्पों की खोज जारी रखेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अवैध या अस्थायी आवासीय बच्चों को स्वतः नागरिकता न देने के लिए जारी किया गया कार्यकारी आदेश अदालत ने खारिज कर दिया है। १७ असार, काठमाडौं।
उपराष्ट्रपति जेडी भान्स ने फॉक्स न्यूज के एक कार्यक्रम में जन्मसिद्ध नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) को जारी रखने वाले सर्वोच्च अदालत के निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे ‘अत्यंत निराशाजनक’ बताया। उपराष्ट्रपति भान्स ने स्पष्ट किया कि ट्रम्प प्रशासन इस मामले में सभी कानूनी विकल्पों पर कार्य करना जारी रखेगा। व्हाइट हाउस द्वारा अमेरिकी आव्रजन नीति में बदलाव के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे, उनका कहना था।
अमेरिकी सर्वोच्च अदालत के इस फैसले को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीति और प्रयासों के लिए एक बड़ा कानूनी झटका माना गया है। सर्वोच्च अदालत ने ट्रम्प के जन्मसिद्ध नागरिकता को सीमित करने वाले आदेश को निरस्त कर दिया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन ही इस विषय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश जारी किया था।
उस आदेश में अमेरिका में अवैध रूप से या अस्थायी रूप से रह रहे माता-पिता से जन्मे बच्चों को स्वतः अमेरिकी नागरिकता नहीं मिलने का प्रावधान था। ट्रम्प के इस आदेश को शुरू में निचली अदालतों ने रोक लगा दी थी। इसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने सर्वोच्च अदालत में पुनः अपील करते हुए उन बच्चों को स्वतः नागरिकता न देने की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की थी। लेकिन अमेरिका की शीर्ष अदालत ने अपनी इस निर्णय के माध्यम से जन्मसिद्ध नागरिकता की पुरानी व्यवस्था को कायम रखा है।