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खेलकूद में मंत्री के ध्यान की कमी

बार-बार नीतिगत और कानूनी रूप से खेलकूद को शिक्षा से जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त करने वाले खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल अपने पहले सौ दिनों में शिक्षा और खेलकूद को जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाने में सफल नहीं हो पाए हैं। 21 असार, काठमाडौं। शिक्षा और खेलकूद मंत्री पोखरेल ने कुछ दिन पहले अपने पहले सौ दिनों के दौरान मंत्रालय में हुई गतिविधियों का विवरण सार्वजनिक किया है। जारी किए गए इस विवरण में मंत्री पोखरेल ने काभा महिला राष्ट्रीय लिग को भी मंत्रालय की उपलब्धि के रूप में शामिल किया है। यह प्रतियोगिता नेपाल वॉलीबॉल संघ द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें मंत्री अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।

खेलकूद को प्राथमिकता न देने के आरोप झेल रहे मंत्री पोखरेल द्वारा सार्वजनिक 42 कार्य विवरणों में आठ बिंदुओं में खेलकूद क्षेत्र को शामिल किया गया है। काभा महिला राष्ट्रीय लिग से लेकर हर साल आयोजित राष्ट्रपति रनिंग शील्ड प्रतियोगिता को मंत्री ने अपनी उपलब्धि के तौर पर उल्लेख किया है। इसके अलावा, उन्होंने 60 लोगों को प्रशिक्षक प्रशिक्षण दिया, 27 खिलाड़ियों, उनके परिवारों और कर्मचारियों के उपचार हेतु सिफारिशें कीं, जो उनके पहले सौ दिनों की उपलब्धियों में शामिल हैं। माघ के अंत से रोक लगाये गए मिशन 2026 के विशेष प्रशिक्षण को जेठ 1 से पुनः शुरू किया गया है। पोखरेल मंत्री बनने के लगभग दो माह बाद ही यह प्रशिक्षण पुनः शुरू हुआ, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने विवरण में किया है।

खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने के लिए 13 लोगों को खेल विज्ञान का प्रशिक्षण दिया गया, राष्ट्रीय खेलसंघ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और विदेशों में नेपाली खिलाड़ियों की भागीदारी को भी मंत्रालय ने अपनी उपलब्धि के रूप में दर्ज किया है। कई बार खेलकूद को शिक्षा से जोड़ने की नीति और कानूनी प्रतिबद्धता जताने के बावजूद मंत्री पोखरेल पहले सौ दिनों में शिक्षा और खेलकूद के समन्वय हेतु ठोस कदम नहीं उठा सके और उनकी उपलब्धियों में इस पहल का कोई उल्लेख नहीं है। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद् (राखेप) के पूर्व कार्यकारी सदस्य कमल भट्टराई ने कहा है कि मंत्रालय के सौ दिन के कार्यकाल में एसियाई खेलों के लिए टीम भेजने का निर्णय छोड़कर कोई ठोस काम नहीं दिखा।

‘मंत्री की उपलब्धि सूची में दर्ज राष्ट्रपति कप और काभा वॉलीबॉल जैसे कार्यक्रम पुराने वार्षिक कार्ययोजनाओं में शामिल नियमित कार्यक्रम हैं। नई सरकार ने इनमें कोई नवीनता नहीं लाई है,’ भट्टराई ने कहा, ‘खेलकूद को आगे बढ़ाने में कोई नवाचार नजर नहीं आता।’ राखेप के पूर्व सदस्य सचिव युवराज लामाले ने भी भट्टराई की बातों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूर्वाधार निर्माण को छोड़कर खेलकूद में अन्य किसी उल्लेखनीय काम का पता नहीं चला है। ‘‘खेलकूद अधिनियम का संशोधन और नई कार्ययोजना लाने में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है,