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इन्फ्लुएंसर आइशोस्पीड और अर्जेंटीना समर्थक के बीच विवाद, फीफा ने जातीय भेदभाव की जांच शुरू की

२४ असार, काठमाडौं। विश्व फुटबल का सर्वोच्च निकाय फीफा ने अमेरिकी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आइशोस्पीड और एक अर्जेंटीना समर्थक के बीच कथित जातीय भेदभाव पर आधारित दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है। यह घटना शुक्रवार को अर्जेंटीना द्वारा केप वर्डी के खिलाफ ३-२ से मैच जीतने के दौरान हुई बताई गई है। फीफा ने मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में ३ जुलाई को हुए अंतिम ३२ के मैच के दौरान हुई इस घटना की जानकारी होने की पुष्टि की और तुरंत जांच शुरू करने की बात कही।

यूट्यूब पर ५ करोड़ ७० लाख सब्सक्राइबर और टिकटॉक पर ५ करोड़ ३० लाख फॉलोअर्स वाले आइशोस्पीड प्रतियोगिता के दौरान मैचों का लाइव स्ट्रीमिंग करते हैं। उनके कुछ स्ट्रीम में फीफा अध्यक्ष जियानी इंफान्टिनो और बार्सिलोना तथा एसी मिलान के पूर्व फारवर्ड जलाटन इब्राहिमोविच भी देखे गए हैं। उनके यूट्यूब चैनल के वीडियो फुटेज में केप वर्डी की जर्सी पहने २१ वर्षीय स्पीड प्यारापिट में एक अर्जेंटीना समर्थक के साथ विवाद में उलझे हुए दिखते हैं।

फीफा द्वारा जारी बयान में कहा गया है, ‘‘फीफा विश्व कप एकता, विविधता और सम्मान का त्यौहार है। यह दुनिया भर के लोगों, संस्कृतियों और समुदायों को एक साथ लाता है। जो भी इन मूल्यों को कमजोर करता है, उसे हमारे खेल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।’’ आइशोस्पीड पर यह दुर्व्यवहार का मामला फ्रांस के फारवर्ड किलियन एम्बापे द्वारा एक पराग्वे के सीनेटर के खिलाफ जातीय टिप्पणियों की कड़ी निंदा के कुछ दिनों के भीतर सामने आया है। एम्बापे ने उस टिप्पणी को ‘‘घृणित और अपने पद के लायक न होने वाली’’ बताया। पराग्वे की लिबरल रैडिकल पार्टी की सदस्य सेलेस्ट अमरिला ने विश्व कप के अंतिम १६ में अपने देश के फ्रांस से हारने के बाद सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां पोस्ट की थीं। फ्रांसीसी फुटबॉल संघ अमरिला की टिप्पणियों को ‘‘पूरी तरह से घृणित और अस्वीकार्य’’ मानते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला दायर करने की योजना बना रहा है।

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