Skip to main content

ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से यात्रा करने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव वापस लिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत कार्गो शुल्क लगाने की अपनी पूर्व निर्णय वापस ले ली है। खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश समझौतों को बढ़ावा देने तथा अमेरिका में रोजगार सृजन के उद्देश्य से ट्रम्प ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। ट्रम्प ने इरानी जहाजों और कार्गो पर पूरी तरह से प्रतिबंध जारी रखने के साथ-साथ इरान को परमाणु हथियार विकास करने से रोकने की अमेरिकी नीति भी कायम रखने का स्पष्ट संकेत दिया है।

31 असार, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री मार्ग से आवागमन करने वाले जहाजों पर 20 प्रतिशत कार्गो शुल्क लगाने के अपने प्रस्ताव को वापस लिया है। इसके बजाय खाड़ी देशों के साथ बड़े व्यापार और निवेश समझौते किए जाएंगे, जिनसे अमेरिका को अधिक लाभ होगा। ट्रम्प के अनुसार इन समझौतों के माध्यम से अमेरिका में भारी निवेश आएगा और लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बताया कि मध्य पूर्व के नेताओं के साथ हुई ‘अत्यंत सकारात्मक वार्ता’ के बाद 20 प्रतिशत शुल्क लगाने का निर्णय बदला गया है। अब प्राथमिकता खाड़ी देशों के साथ व्यापार और निवेश समझौतों को केंद्रित करने की होगी। उन्होंने कहा, ‘ये निवेश विशाल होंगे, जिससे अमेरिका में नई फैक्ट्रियां और उद्योग स्थापित होंगे, तथा अच्छे वेतन वाली नौकरियां उत्पन्न होंगी।’

ट्रम्प ने सोमवार को घोषणा की थी कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का ‘संरक्षक’ बनेगा और इस मार्ग से गुजरने वाले सभी कार्गो पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाएगा। उन्होंने कहा कि इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग की सुरक्षा अमेरिका द्वारा की जा रही है और इसकी लागत अन्य देशों को वहन करनी चाहिए। उन्होंने इरानी जहाजों और कार्गो पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी घोषणा की थी, लेकिन यह मार्ग सभी देशों के लिए खुला रहेगा।

ट्रम्प ने अमेरिकी सेना की भूमिका के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा सुनिश्चित होने का दावा किया और कहा कि तेल की आपूर्ति पहले से अधिक सुचारू ढंग से हो रही है। उन्होंने रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ, संयुक्त चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन, सेंट्रल कमांड प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर और अमेरिकी सशस्त्र बलों की प्रशंसा भी की। साथ ही, इरान से संबंधित जहाजों और इरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले कार्गो पर पूर्ण नाकाबंदी जारी रखने की पुष्टि की।

तनावों के बीच रणनीति में बदलाव

ट्रम्प के इस घोषणा के बाद इरान ने अमेरिकी भूमिका को पूरी तरह खारिज कर दिया था। इरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 20 प्रतिशत शुल्क प्रस्ताव का व्यंग्य करते हुए कहा था, “20 प्रतिशत तो बहुत है, हम निष्पक्ष रहेंगे।” इरान के संयुक्त सैन्य कमान ने अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण या निगरानी करने से रोकने का स्पष्ट संकेत दिया था। तेहरान ने चेतावनी दी थी कि इरान की अनुमति के बिना अमेरिकी सेना इस जलमार्ग में हस्तक्षेप करेगी तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। वह क्षेत्रीय देशों को भी अमेरिका के साथ सहयोग न करने की चेतावनी दे रहा है।

अमेरिका और इरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में ट्रम्प ने कार्गो शुल्क के प्रस्ताव को वापस लेकर व्यापार और निवेश समझौतों पर जोर देना अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि इरानी जहाजों पर प्रतिबंध यथावत रहेगा और इरान को परमाणु हथियारों के विकास से रोकने वाली अमेरिकी नीति भी कायम रहेगी।