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भाजपा की नई राजनीतिक रणनीति: शमिक भट्टाचार्य की विवादित टिप्पणी

पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य द्वारा सुभाष चन्द्र बोस द्वारा स्थापित फॉरवर्ड ब्लॉक के कार्यकर्ताओं को ‘गुंडा’ कहने पर राजनीतिक विवाद उभरा है। फॉरवर्ड ब्लॉक ने इस अभिव्यक्ति की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा अध्यक्ष भट्टाचार्य से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का आग्रह किया है। विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा पश्चिम बंगाल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी को नए आइकन के रूप में स्थापित कर सुभाष चन्द्र बोस की विचारधारा से सीधे संघर्ष कर रही है।

भट्टाचार्य की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है। फॉरवर्ड ब्लॉक की स्थापना सुभाष चन्द्र बोस ने की थी और वह पश्चिम बंगाल तथा समग्र भारत में एक महान राष्ट्रवादी प्रतीक माने जाते हैं। इस टिप्पणी को लेकर फॉरवर्ड ब्लॉक ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। पश्चिम बंगाल के वामपंथी दलों के नेताओं ने भी इस टिप्पणी का विरोध किया है। भाजपा ने साउन 1 को पश्चिम बंगाल में जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई थी।

भट्टाचार्य ने कार्यक्रम में कहा, “जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी मोहम्मद अली पार्क में भाषण दे रहे थे, फॉरवर्ड ब्लॉक के गुंडों ने उनके सिर पर पत्थर मारा और उनका खोपड़ी फोड़ दी।” उन्होंने आगे कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि यदि उन्होंने मंच से भड़का देने वाला भाषण दिया होता तो फॉरवर्ड ब्लॉक का कोई भी सदस्य बच नहीं पाता।“ फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव जी देबराजन ने पार्टी की ओर से जारी बयान में इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है।

उन्होंने कहा, “उन्होंने नेताजी और उनके अनुयायियों को गुंडा कहा है क्योंकि उन्होंने धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति द्वारा लोगों के बीच विभाजन उत्पन्न करने के प्रयासों को बार-बार विफल किया है।” विश्लेषक इसे एक दीर्घकालीन योजना मानते हैं। उनके अनुसार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सुभाष चन्द्र बोस के विरोधी बंगाली प्रतीक के रूप में पेश करने का संघ परिवार का प्रयास पुराना है।