
इजरायली मेडिकल एसोसिएशन के निलंबन के समर्थन में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को समर्थन का अनुरोध
इंडियन डॉक्टर्स फॉर पीस एंड डेवलपमेंट (आईडीपीडी) ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन (डब्ल्यूएमए) में इजरायली मेडिकल एसोसिएशन के निलंबन की मांग का समर्थन करने का आग्रह किया है। संगठन ने कहा, “जब तक इजरायली मेडिकल एसोसिएशन मेडिकल एथिक्स और मेडिकल न्यूट्रैलिटी से जुड़े अपने दायित्व पूरे नहीं करता, तब तक उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।” आईडीपीडी ने आईएमए से अक्टूबर 2026 में होने वाली डब्ल्यूएमए महासभा में स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा के पक्ष में स्पष्ट रूप से खड़े होने का अनुरोध किया है।
आईडीपीडी, इंटरनेशनल फिजिशियंस फॉर द प्रिवेंशन ऑफ न्यूक्लियर वार (आईपीपीएनडब्ल्यू) का सहयोगी संगठन है। इसने पिछले दो वर्षों में गज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ने की जानकारी दी है। अस्पतालों पर हमले, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौत तथा गिरफ्तारी के घटनाक्रमों को संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसियों ने दर्ज किया है। इसके अलावा मानवीय सहायता और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में बाधाएं उत्पन्न होने के तथ्य भी सार्वजनिक हुए हैं।
संगठन ने हाल ही में “द लैंसेट” में प्रकाशित एक लेख का भी उल्लेख किया है, जिसमें इजरायली मेडिकल एसोसिएशन के डब्ल्यूएमए से निलंबन की अंतरराष्ट्रीय मांग पर चर्चा की गई है। इसमें जस्टिस एस. मुरलीधर की अध्यक्षता वाले स्वतंत्र जन न्यायाधिकरण की रिपोर्ट और साउथ अफ्रिकन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा उठाए गए कदमों को भी शामिल किया गया है। आईडीपीडी ने इस विषय में एक ऑनलाइन याचिका भी शुरू की है, जिसे भारत और अन्य देशों के डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का समर्थन प्राप्त है।