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चीन की ओर नेपाली वस्तुओं के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि

सूचना के अनुसार, उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक आर्थिक वर्ष २०८१/८२ में नेपाल का कुल वस्तु निर्यात ८१.८ प्रतिशत की वृद्धि के साथ २७७ अरब ३ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। चीन की ओर ऊनी गलियाचा, हस्तशिल्प और तैयार वस्त्र के निर्यात में खास वृद्धि देखी गई है, जबकि भारत की ओर सोयाबीन तेल, पॉलिएस्टर धागा और जूट आधारित वस्तुओं के निर्यात में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मंत्रालय की रिपोर्ट में बताया गया है कि आर्थिक वर्ष २०८१/८२ में कुल वस्तु व्यापार घाटा ६० प्रतिशत बढ़कर १५२७ अरब ९ करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

काठमाडौं में ३ सावन को आयोजित कार्यक्रम में मंत्रालय ने चीन की ओर निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में ४६.६ प्रतिशत बढ़कर आर्थिक वर्ष २०८१/८२ में १.६ प्रतिशत की वृद्धि के साथ २ अरब ६३ करोड़ रुपये तक पहुंचने के आंकड़े सार्वजनिक किए। मंत्रालय के अनुसार, “चीन की ओर विशेष रूप से ऊनी गलियाचा, हस्तशिल्प सामग्री, तैयार वस्त्र समेत विभिन्न वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि हुई है।”

मंत्रालय ने २०७९/८० से २०८४/८५ तक के व्यापार घाटा न्यूनीकरण से जुड़ी राष्ट्रीय कार्ययोजना को सन् २०२३ में अद्यतन किया है, जिसमें नेपाल के आयात और निर्यात का विस्तृत विवरण शामिल है। आर्थिक वर्ष २०७४/७५ में नेपाल में वस्तु आयात की राशि १,२४५ अरब रुपये थी, जो पांच वर्षों में बढ़कर २०७८/७९ में १,९२० अरब रुपये हो गई थी।

इसी के अनुरूप, आर्थिक वर्ष २०८१/८२ में कुल वस्तु आयात में १३.३ प्रतिशत की वृद्धि होकर १८०४ अरब १२ करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। भारत से आयात में ७५ प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह १०७१ अरब २० करोड़ रुपये हो गया है, जबकि चीन से आयात में १४.२ प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ यह ३४१ अरब १० करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस प्रकार कुल वस्तु व्यापार घाटा ६० प्रतिशत की वृद्धि के साथ १५२७ अरब ९ करोड़ रुपये तक पहुंचा है।