
सरकार ने साउन से लगाई जाने वाली VAT असार महीने के बिजली बिल में जोड़ने पर विवाद
नेपाल विद्युत प्राधिकरण ने साउन से 50 यूनिट से अधिक बिजली उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में 5 प्रतिशत मूल्य संवर्धित कर (VAT) लगाना शुरू किया है। असार महीने में उपभोग की गई बिजली के बिल में VAT शामिल होने पर उपभोक्ताओं ने सवाल उठाया है कि साउन से ही लागू होने वाला VAT पिछले महीने के बिल में कैसे पहले से लगाया गया। प्राधिकरण का दावा है कि यह खपत की तारीख नहीं, बल्कि बिल जारी करने की तारीख के आधार पर देखा जाता है, इसलिए साउन 1 के बाद जारी सभी बिल VAT प्रणाली के अंतर्गत आते हैं।
आर्थिक वर्ष के बजट के अनुसार 1 साउन से मूल्य संवर्धित कर (VAT) लागू किया जाना था, लेकिन नेपाल विद्युत प्राधिकरण असार से ही बिजली शुल्क में VAT वसूलने लगा है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने 1 साउन से 50 यूनिट से ऊपर के बिजली बिलों पर 5 फीसदी VAT लागू करने की घोषणा की थी। हालांकि, प्राधिकरण ने असार महीने में उपभोग की गई बिजली का बिल साउन में चुकाते समय भी VAT सहित बिल जारी किया है ये तथ्य सार्वजनिक हुए हैं।
असार महीने में खपत की गई बिजली का बिल साउन महीने में भुगतान करते वक्त 5 प्रतिशत VAT के कारण व्यापक विरोध शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर कई उपभोक्ताओं ने असार माह की खपत वाले बिल पर VAT लगाए जाने की जानकारी साझा की है। प्राधिकरण के एक अधिकारी के अनुसार, 1 साउन के बाद जारी सभी बिल VAT प्रणाली के अंतर्गत आते हैं और VAT लगाना अनिवार्य है, चाहे बिल में उल्लिखित खपत किसी भी अवधि की हो।
प्राधिकरण ने खपत अवधि की बजाय बिल जारी करने की तारीख को आधार मान कर साउन 1 के बाद जारी हुए सभी बिलों को VAT प्रणाली के अंतर्गत माना है, जबकि राजस्व विभाग ने कहा है कि संबंधित बिल और रीडिंग विवरण देखकर ही वास्तविक स्थिति की पुष्टि की जा सकती है। इस विषय में असार महीने की खपत पर साउन से VAT लगाने को लेकर प्राधिकरण और कर प्रशासन के बीच कुछ अस्पष्टता बनी हुई है।