
भारत के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वाङचुक ने 26 दिन के आमरण अनशन के बाद दी समाप्ति
भारत के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वाङचुक ने 26 दिन लंबा आमरण अनशन समाप्त किया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में सहमति के बाद अनशन तोड़ा है। वाङचुक ने नीट-यूजी प्रश्नपत्र चुहावट विरोधी छात्र आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई है। 8 सावन, काठमांडू।
सोनम वाङचुक ने अपने अनशन तोड़ने की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी है। उन्होंने बताया कि लंबी बातचीत और कुछ शर्तों पर सहमति के बाद तथा देश में संभावित अशांति के खतरे को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया है। इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने पत्र लिखकर उनसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।
वाङचुक ने एक्स पर लिखा, ‘शर्तों के बारे में मैं जल्द ही एक विशेष वीडियो के जरिए विस्तृत जानकारी दूंगा। तब तक मैं सभी से कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न हो इसका विशेष ध्यान रखने और इस मामले में अत्यंत सतर्क रहने की अपील करता हूं।’ मेडिकल शिक्षा से संबंधित नीट-यूजी प्रश्नपत्र चुहावट मामले के विरोध में छात्र पिछले एक महीने से नई दिल्ली स्थित जन्तर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा मांग रहे हैं।