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हंगरी ने यूक्रेन को दिए जाने वाले 90 अरब यूरो के ऋण को रोकने का कानूनी अधिकार सुनिश्चित किया

हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑरबान ने स्पष्ट किया है कि युक्रेन को प्रदान किए जाने वाले 90 अरब यूरो के सैन्य ऋण को रोकने का कानूनी अधिकार हंगरी के पास मौजूद है। ऑरबान ने यह भी कहा कि यदि यूक्रेन ने ‘द्रुज्बा’ पाइपलाइन के माध्यम से रूस से तेल आपूर्ति पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटाए, तो वह यह ऋण स्वीकृत नहीं करेंगे।

जब यूरोपीय संघ (ईयू) परिषद ने दिसंबर 2025 में इस ऋण को विनियोजित करने का निर्णय लिया था, उसके बाद से हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने इसमें भाग न लेने का फैसला किया था। ब्रुसेल्स में आयोजित ईयू शिखर सम्मेलन के पश्चात मीडिया से बातचीत करते हुए ऑरबान ने कहा, “हालात अब बदल गए हैं, क्योंकि यूक्रेन ने हंगरी की तेल आपूर्ति को अवरुद्ध कर दिया है।”

उनके अनुसार, इस ऋण के लिए ईयू के सभी सदस्य देशों की सर्वसम्मति आवश्यक है, जो हंगरी और स्लोवाकिया की आपत्ति के कारण फिलहाल अधर में है। ऑरबान ने आगे कहा, “यदि यूक्रेन ने दिसंबर तक यह प्रतिबंध जारी रखा रहता, तो हम नियमपूर्वक इस ऋण को स्वीकृत ही नहीं करते। अब मैं उस नाकेबंदी को सहते हुए ऐसा दिखावा नहीं कर सकता जैसे कुछ भी गलत नहीं हुआ है।”

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