
कश्मीर मस्जिद में ईद उल फितर का उल्लास (तस्वीरें)
७ चैत, काठमांडू। आज मुस्लिम समुदाय ईद उल फितर का त्योहार मना रहे हैं। अरबी कैलेंडर के हिजरी संवत के अनुसार नवें महीने में रोजा रखकर उपवास के बाद मुस्लिम समुदाय विशेष नमाज अदा करते हैं और बड़ों से आशीर्वाद लेकर यह पर्व मनाते हैं।
आज विशेष नमाज के बाद तीन दिन तक बड़े-बड़ों के पास जाकर आशीर्वाद लेने की परंपरा है। इस पर्व पर छोटे-बड़ों को आशीर्वाद देने का चलन भी प्रचलित है। आशीर्वाद लेने आने वाले रिश्तेदारों को सेवई, खजूर सहित मिठाइयों का भी परोसा जाना आम है।
काठमांडू के घंटाघर स्थित कश्मीर मस्जिद में भी आज बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी नमाज अदा करने पहुंचे थे। जामे मस्जिद घंटाघर में भी सुबह विशेष नमाज अदा की गई। नमाज के बाद बड़े-बड़ों के पास आशीर्वाद लेने जाना जरूरी होता है।
खुशी-खुशी दान देकर जरूरतमंद और गरीबों की मदद करने की प्रवृत्ति के कारण ही इस पर्व को ईद उल फितर कहा जाता है। अरबी कैलेंडर के अनुसार नवें महीने के अंतिम दिन चांद दिखते ही ईद उल फितर मनाने का कार्यक्रम तय होता है, यह जानकारी मुस्लिम धर्मावलंबी तथा नेपाली कांग्रेस के केंद्रीय सदस्य अब्दुल सतार ने दी।
इस पर्व का एक महत्वपूर्ण पहलू जरूरतमंद और गरीबों को दान देना भी है।

