
प्रधानमंत्री को उज्यालो नेपाल पार्टी द्वारा ज्ञापन पत्र सौंपा गया
७ चैत, काठमांडू। उज्यालो नेपाल पार्टी ने प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व में देश को कठिन परिस्थितियों से सुरक्षित मार्ग पर ले जाने की संभावना पर बधाई ज्ञापित की है।
पार्टी के अध्यक्ष कुलमान घिसिंग के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने आज बालुवाटार में प्रधानमंत्री कार्की से मुलाकात की और उनकी निष्ठा व प्रतिबद्धता के कारण शांतिपूर्ण चुनाव संभव होने पर उन्हें बधाई दी।
जब चुनाव को लेकर अनेक जगहों से संदेह व्यक्त किए जा रहे थे तब देशभर में सभी को विश्वास में लेकर एक साथ स्वच्छ और धोखाधड़ी रहित चुनाव कराने में सफलता को प्रतिनिधिमंडल ने सराहनीय बताया और सरकार की प्रशंसा की।
अध्यक्ष घिसिंग ने कहा, ‘चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी नेतृत्व करते हुए सफल चुनाव करवाकर देश को राजनीतिक स्थिरता देने के लिए सम्माननीय प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई और धन्यवाद। मैं तो हारा हो सकता हूं, पर देश जीत गया है। आपकी नेतृत्व में देश ने सफलता पाई है। मैं इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक समय में इस सरकार में कुछ समय सेवा कर पाया, अब संसद में नहीं भी रहूं, बाहर रहकर देश के लिए काम करूंगा।’
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि उज्यालो नेपाल पार्टी ने चुनाव में भाग लेकर इस प्रक्रिया में सहयोग दिया है, जिसकी उन्होंने उच्च सराहना की। साथ ही उन्होंने घिसिंग द्वारा निभाई गई प्रभावी भूमिका की भी प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री कार्की ने कहा, ‘आप सभी विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं। ऐसे समाज के श्रेष्ठ लोग देश के लिए संसद के बाहर भी कई काम कर सकते हैं। एक चुनाव के परिणाम से निराश नहीं होना चाहिए। आपके काम बहुत हैं। लगातार आगे बढ़ें। मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।’
इस अवसर पर पार्टी ने प्रधानमंत्री कार्की से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले नेपाली लोगों की सुरक्षा तथा गौरीबहादुर कार्की के नेतृत्व में गठित आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की।
उज्यालो नेपाल पार्टी के मांगपत्र का पूर्ण पाठ –
मिति: २०८२ चैत ७
सम्माननीय प्रधानमंत्रीज्यू,
प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद्को कार्यालय, सिंहदरवार।
विषय: खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले नेपाली नागरिकों की सुरक्षा तथा गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के संबंध में
सम्माननीय प्रधानमंत्रीज्यू,
सबसे पहले, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी नेतृत्व करते हुए सफल चुनाव सम्पन्न कर देश को राजनीतिक स्थिरता प्रदान करने की गहन जिम्मेदारी निभाने के लिए हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद।
हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में हुई तीव्र लड़ाई ने गंभीर चिंता उत्पन्न की है। यह संघर्ष सैन्य और नागरिक क्षेत्रों को व्यापक असर पहुंचाते हुए जटिल स्थिति ले रहा है। इस क्षेत्र में लगभग १८ लाख नेपाली श्रमिक हैं जो हमारे अर्थव्यवस्था को लगभग ८ खरब वार्षिक योगदान देते हैं, वे प्रत्यक्ष खतरे में हैं। निर्माण, सेवा, सुरक्षा, और तेल क्षेत्रों में कार्यरत नेपाली अपनी सुरक्षा खो रहे हैं। यूएई में गोरखा दिवस श्रेष्ठ की मृत्यु और अन्य घायल होने की घटनाओं ने ध्यान आकृष्ट किया है।
नेपाल सरकार द्वारा श्रम अनुमति रोकने, प्रभावितों की जानकारी इकट्ठा करने, आपातकालीन दल गठित करने और कूटनीतिक वार्ता करने जैसे कदम उठाए गए हैं जो स्वागत योग्य हैं। लेकिन बचाव प्रक्रिया में देरी से लाखों नेपाली और अधिक जोखिम में पड़ते जा रहे हैं। इस संबंध में उज्यालो नेपाल पार्टी मानवतावादी दृष्टिकोण से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह करती है:
१. खाड़ी क्षेत्र में कार्यरत नेपाली लोगों के सुरक्षित स्थानांतरण, उद्धार एवं राहत के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सहित विस्तृत योजना सार्वजनिक कर प्रभावी कार्यान्वयन किया जाए।
२. दूतावास और कांसुलर कार्यालयों को २४ घंटे सक्रिय हटलाइन, स्वास्थ्य सेवा, आश्रय केंद्र एवं वास्तविक समय सूचना प्रणाली से लैस किया जाए।
३. संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर नेपाली नागरिकों की सुरक्षा तथा क्षेत्रीय शांति के लिए उच्चस्तरीय कूटनीतिक पहल की जाए।
४. प्रभावित नेपाली लोगों को आर्थिक सहायता, ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और परिवार से नियमित संपर्क की सुविधा दी जाए।
५. स्वदेश लौटना चाहने वालों के लिए विशेष उड़ानें और स्थल मार्ग उपलब्ध कर उनके पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय रोजगार पोर्टल संचालित किया जाए।
साथ ही, जेनजी आंदोलन से जुड़ी घटनाओं की जांच के लिए गठित गौरीबहादुर कार्की आयोग ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, किंतु अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया है जो चिंताजनक है। रिपोर्ट गोपनीय रखने से जनता में संदेह, असंतोष और सरकार के प्रति अविश्वास बढ़ रहा है।
ऐसी रिपोर्ट का सार्वजनिक होना लोकतांत्रिक शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए आवश्यक है। पीड़ित, घायल, मृतकों के परिवार और संबंधित नागरिक न्याय की उम्मीद करते हैं, इसलिए रिपोर्ट छिपाना उचित नहीं। सत्य को प्रकाशित कर ही न्याय, सुधार और सामाजिक विश्वास स्थापित हो सकता है।
इस संबंध में, उज्यालो नेपाल पार्टी नेपाल सरकार से निम्नलिखित मांग करती है:
१. गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए।
२. यदि देरी हो रही है तो स्पष्ट आधिकारिक जानकारी और समय सीमा बताई जाए।
३. रिपोर्ट के निष्कर्षों और सुझावों के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनी कार्रवाई की जाए।
४. पीड़ित, घायल, मृतकों के परिवारों और प्रभावित समुदाय को न्याय, सत्य और संतोषजनक फैसला दिया जाए।
५. भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा तंत्र, भीड़ नियंत्रण, आदेश प्रणाली और मानवाधिकार संरक्षण के लिए स्पष्ट सुधारात्मक योजनाएं सार्वजनिक की जाएं।
मानवीय संकट में मदद करना सरकार की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है। लोकतांत्रिक शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की अपरिहार्य जिम्मेदारी है। लाखों नेपाली नागरिकों का जीवन खतरे में है और जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है, ऐसी स्थिति में सरकारी मौनता और विलंब स्वीकार्य नहीं हैं।
अतः उज्यालो नेपाल पार्टी सरकार से आग्रह करती है कि मानवीय दृष्टिकोण से तुरंत उचित कदम उठाएं ताकि नेपाली नागरिकों की सुरक्षा हो, सत्य सामने आए और न्याय स्थापित हो। साथ ही पार्टी इस कार्य में हर संभव सहयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कुलमान घिसिंग
अध्यक्ष