
रमेश लेखक को काठमाडौं प्रहरी परिसर में लाया जा रहा है
१४ चैत्र, काठमाडौं। पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया है। काठमाडौं उपत्यका अपराध अनुसन्धान कार्यालय के एक अधिकारी ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उनके अनुसार, लेखक को पुलिस परिसर भद्रकाली लाया जा रहा है।
उन्हें भक्तपुर के कटुन्जे में स्थित निवास से कुछ समय पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ‘हम उन्हें परिसर ला रहे हैं,’ उक्त पुलिस अधिकारी ने कहा।
नई सरकार गठन के बाद हुए मंत्रिपरिषद् की बैठक में गौरीबहादुर कार्की नेतृत्व की जांच आयोग द्वारा तैयार प्रतिवेदन को लागू करने का निर्णय लिया गया था।
इसके बाद गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने रातभर सुरक्षा निकायों के प्रमुखों के साथ लगातार चर्चा की।
पुलिस ने सरकार से आधिकारिक लिखित आदेश मांगा था।
मध्यरात्रि कानून मंत्रालय के सचिव को भी नक्साल स्थित पुलिस मुख्यालय में बुलाया गया था।
गत २३ और २४ भदौ को हुए जनयुद्ध आंदोलन दमन पर जांच आयोग ने अध्ययन कर सुशीला कार्की नेतृत्व की अंतरिम सरकार को प्रतिवेदन सौंपा था।
उक्त प्रतिवेदन सार्वजनिक करने का निर्णय तत्कालीन प्रधानमंत्री कार्की ने लिया था, हालांकि सरकार ने अब तक इसे आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है।
फिर भी, प्रतिवेदन के कुछ अंश मीडिया में सार्वजनिक हो चुके हैं।
वहीं, एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के लिए भी वारंट जारी किया गया है। प्रतिवेदन में तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली, तत्कालीन गृह मंत्री रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख चन्द्रकुवेर खापुङ के विरुद्ध आपराधिक जांच की सिफारिश की गई थी।
शुक्रवार को हुई नई सरकार की पहली बैठक ने आयोग की सिफारिशों को तुरंत लागू करने का निर्णय लिया था।
इसके बाद गृह मंत्री सुधन गुरुङ सुरक्षा निकायों के प्रमुखों से निरंतर संवाद में थे।
मध्यरात्रि तक हुई चर्चा के बाद सहमति न बनने पर कानून सचिव पाराश्वर ढुंगानालाई भी पुलिस मुख्यालय में बुलाया गया था।
उन्होंने वहां से निकलकर लिखित आदेश तैयार किया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक गिरफ्तारी वारंट बनाकर ओली और लेखक को नियंत्रण में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुलुकी फौजदारी संहिता की धारा १८१ और १८२ के अनुसार कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
इन धाराओं में लापरवाही या कोताही की वजह से जान लेने के अपराध का उल्लेख है। आयोग ने इन दोनों धाराओं के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है।