
प्रश्नों का सामना कर रहे बालेन का नेतृत्व
बालेन अब केवल प्रश्नकर्ता ही नहीं हैं, बल्कि रास्वपा के पक्षधर भी नहीं हैं। लगभग दो तिहाई मतों के साथ सत्ता में आने वाले इन व्यक्तियों ने खुद को जितना भी जवाबदेह बनाने की कोशिश की हो, उनकी प्रासंगिकता अभी भी साबित होगी।