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प्रधानमंत्री से सांसद खनाल ने दुर्लभ ‘नौ मुठ्ठे’ गाय के संरक्षण और बाजारिकरण की मांग की

रास्वपा सांसद केपी खनाल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से अछाम की दुर्लभ ‘नौ मुठ्ठे’ गाय के संरक्षण पर ध्यान देने का आग्रह किया है। खनाल ने ‘नौ मुठ्ठे’ गाय का अध्ययन कर व्यवस्थित गौशाला निर्माण और उत्पादों के बाजारिकरण से सुदूरपश्चिम की आर्थिक समृद्धि में योगदान होने की बात कही है। सांसद खनाल ने सेती लोकमार्ग निर्माण, शहीद दशरथ चन्द स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में पठन-पाठन शुरू करने और वासुलिङ्ग शुगर मिल को पुनः चालू करने की भी आवश्यकता बताई है। १७ चैत, काठमाडौं।

रास्वपा सांसद केपी खनाल ने अछाम जिले में ही पाई जाने वाली दुर्लभ ‘नौ मुठ्ठे’ गाय के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का ध्यानाकर्षण करवाया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री शाह ने सुदूरपश्चिम प्रदेश के सांसदों से वहां की समस्याओं और समाधानों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ‘नौ मुठ्ठे’ गाय से होने वाले उत्पादों के बाजारिकरण के लिए भी विशेष ध्यान देने की बात कही। सांसद खनाल ने कहा कि लुप्तप्राय इस विशिष्ट प्रजाति की गाय का अध्ययन और संरक्षण के लिए राज्य को तत्काल कदम उठाना चाहिए।

‘अछाम में ही मिलने वाली इस दुर्लभ गाय का अध्ययन कर व्यवस्थित गौशाला बनाना आवश्यक है,’ उन्होंने कहा, ‘इससे प्राप्त गौमूत्र, गोबर, दूध और घी को व्यवस्थित रूप से बाजार में लाया जाए तो सुदूरपश्चिम की आर्थिक समृद्धि में बड़ी मदद मिलेगी।’ अछाम की देसी प्रजाति मानी जाने वाली ‘नौ मुठ्ठे’ गाय को विश्व की सबसे छोटी प्रजाति की गाय माना जाता है। सुदूरपश्चिम के विकास और आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले योजनाओं पर हुई चर्चा में सांसद खनाल ने अन्य महत्वपूर्ण एजेंडों को भी उठाया।

उन्होंने गेटास्थित शहीद दशरथ चन्द स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में तुरंत पठन-पाठन शुरू करने, टीकापुर–बझाङ–ताक्लाकोट को जोड़ने वाले ‘सेती लोकमार्ग’ निर्माण को तेज करने तथा बीते २० वर्षों से बंद पड़े वासुलिङ्ग शुगर मिल को पुनः संचालित करने की मांग की। चर्चा के दौरान सांसद खनाल ने महाकाली कॉरिडोर, चिसापानी–मंगलसेन सड़क खंड, खक्रौला सीमा पर क्वारेंटाइन व्यवस्था और आवारा पशुओं के उचित प्रबंधन जैसे मुद्दों को भी उठाया।

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