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चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने घड़ियाल कछुए के घोंसले तलाशने का काम शुरू किया

चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज ने चैत्र १ गते से राप्ती नदी में घड़ियाल कछुए के घोंसले तलाशने का काम शुरू किया है। घोंसलों की खोज के बाद अंडे इकट्ठा कर कछुआ प्रजनन केंद्र में बच्चों को पालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस वर्ष निकुञ्ज ने केवल राप्ती नदी में ही घड़ियाल कछुए के घोंसले खोजने का निर्णय लिया है।

राप्ती नदी में मौजूद घड़ियाल कछुओं के घोंसलों की खोजने के कार्य की शुरुआत कर दी गई है। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज प्रत्येक वर्ष चैत्र और वैशाख महीनों में नदी के किनारे घड़ियाल कछुओं के घोंसले तलाशता है। निकुञ्ज के सूचना अधिकारी अविनाश थापा मगर के अनुसार, चैत्र १ गते से घोंसले खोजने का कार्य आरंभ किया गया है और यह प्रक्रिया वैशाख १० गते तक जारी रहेगी। इसके लिए बोते समुदाय के दो व्यक्तियों को परिचालन किया गया है।

घोंसले तलाशने के बाद पुनः कर्मचारियों को तैनात कर अंडे संकलन का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘अभी घोंसलों की पहचान का काम चल रहा है, इसके बाद अंडे एकत्रित किए जाएंगे।’ घोंसलों से अंडे इकट्ठा कर कार्यालय में स्थित कछुआ प्रजनन केंद्र में लाने के बाद बच्चों को पालने का कार्य शुरू किया जाएगा, उन्होंने जानकारी दी। हालांकि पिछले वर्षों में निकुञ्ज ने राप्ती और नारायणी नदियों में घड़ियाल कछुओं के घोंसले खोजे थे, लेकिन इस वर्ष केवल राप्ती नदी में खोज करने की तैयारी है।

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