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एमालेले कार्यवाहक अध्यक्ष बादललाई जथाभावी नबोल्न ‘सचेत’ गराउने

एमाले कार्यवाहक अध्यक्ष बादल को पार्टी मूल्यविपरीत टिप्पणी से सावधान करेगा

नेकपा एमाले कार्यवाहक अध्यक्ष रामबहादुर थापा (बादल) को पार्टी के मूल्य और मान्यताओं के विपरीत टिप्पणी न करने के लिए सतर्क करने की तैयारी में है। एक एमाले नेता ने बताया, ‘बादल ने कल संसद में पार्टी के मूल्य मान्यताओं के खिलाफ बात की। उन्हें संसदीय प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाएगा और भविष्य में सतर्क किया जाएगा।’ उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल ने जानकारी दी कि सचिवालय की बैठक में बादल की संसदीय विवादास्पद अभिव्यक्ति पर गंभीर चर्चा होगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।

काठमांडू। नेकपा एमाले ने कार्यवाहक अध्यक्ष एवं संसदीय दल के नेता रामबहादुर थापा (बादल) को पार्टी के मूल्य और मान्यताओं के खिलाफ कोई अभिव्यक्ति न देने के लिए चेतावनी देने का निर्णय लिया है। आज के सचिवालय बैठक में बादल को ज्ञापन दिया जाएगा, यह एक नेता ने बताया। सचिवालय की बैठक आज दोपहर एक बजे आयोजित की गई है। एक पार्टी नेता ने कहा, ‘‘बादल ने कल संसद में पार्टी के मूल्य मान्यताओं के विपरीत बातें कही थीं। उन्हें संसदीय प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी और ऐसे मामलों को दोहराने से रोका जाएगा।’

बादल ने १९ चैत को संसद बैठक में पिछले वर्ष भदौ २३ और २४ की जनमत आन्दोलन तथा फागुन २१ के चुनावों को षड्यंत्र और निकायों के मिलीभगत वाला बताया। उन्होंने नेपाली सेना, कर्मचारी और विदेशी निकायों पर भी पार्टी की शासकीय नीति के विपरीत आरोप लगाए। उनकी इन विवादास्पद अभिव्यक्तियों ने एमाले में हलचल पैदा कर दी है। उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल ने बताया कि आज के सचिवालय बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा की जाएगी और उचित निर्णय लिया जाएगा।

बादल इस समय समानुपातिक सांसद के रूप में कार्यरत हैं। पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के बाद बादल को कार्यवाहक अध्यक्ष और संसदीय दल का नेतृत्व दिया गया है। नेकपा एमाले के एक और नेता सुरेन्द्र पाण्डे ने भी बादल की विवादास्पद टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति के निर्माण में एमाले भी जिम्मेदार है और तत्कालीन सरकार की अकर्मण्यता को दोषी ठहराया है। फेसबुक पर लिखते हुए उन्होंने कहा, ‘‘कल संसद में षड्यंत्र की लंबी कथाएं सुनी गईं। सेना ने बचाया नहीं, कर्मचारी ने सहयोग नहीं किया, तकनीक ने भी साथ नहीं दिया – सभी दोष दूसरों को देने लगे। हम भी दोषी हैं। ऐसी परिस्थिति पैदा करने के लिए हमारी सरकार की अकर्मण्यता जिम्मेदार है।’’

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