
स्वास्थ्य मन्त्रालय टिन के डिब्बे में कैद
स्वास्थ्य मन्त्रालय सिंहदरबार परिसर में अस्थायी टिन के कमरे में कार्यरत है, जहां बरसात शुरू होते ही पानी और कीचड़ से काम करना कठिन हो जाता है। गत भदौ में जेनजी आन्दोलन के दौरान स्वास्थ्य मन्त्रालय की इमारत पूरी तरह आग लग जाने के बाद मन्त्रालय ने सिंहदरबार के नरसिंह दल गण के खाली जमीन पर अस्थायी कार्यालय स्थापित किया। मन्त्रालय के सूचना अधिकारी डॉ. भक्तबहादुर केसी ने बताया कि उपयुक्त भवन की खोज जारी है और संस्थान को पूर्ण रूप से सिंहदरबार में स्थानांतरित करने के लिए सरकार के साथ समन्वय हो रहा है।
देश के सर्वोच्च प्रशासनिक केंद्र सिंहदरबार में स्वास्थ्य तथा जनसंख्या मन्त्रालय अभाव और अव्यवस्था का सामना कर रहा है। मन्त्रालय परिसर में प्रवेश करते ही अस्थायी संरचना, अर्थात् टिन के कमरे ‘‘डिब्बा’’ नजर आते हैं, जहां स्वास्थ्य मंत्री, सचिव और कुछ महाशाखाएं कार्यरत हैं। कर्मचारी इसी संरचना में रहकर काम करने को मजबूर हैं। बरसात शुरू होते ही इन संरचनाओं की स्थिति और दयनीय हो जाती है। बारिश के बाद परिसर में कीचड़ फैल जाता है, जिससे कार्यालय परिसर में चलना भी कठिन हो जाता है।
कर्मचारी फाइल लेकर एक कमरे से दूसरे कमरे तक पहुंचने में अपने जूते कीचड़ से भर जाते हैं। ‘‘बारिश के बाद पूरा परिसर कीचड़ में डूब जाता है। टिन की आवाज के कारण काम करने में बाधा होती है,’’ मन्त्रालय के एक कर्मचारी कहते हैं। एक ही टेबल पर तीन-चार कर्मचारी कार्यालय के अंदर जाने पर समस्या और बढ़ जाती है, वह है संकटा कार्यक्षेत्र। सीमित कमरे और कम टेबल के कारण एक ही टेबल पर तीन से अधिक कर्मचारी बैठने को मजबूर हैं।
मन्त्रालय के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान अस्थायी संरचना में दीर्घकालीन रूप से मन्त्रालय चलाना संभव नहीं है, इसलिए जल्द से जल्द उपयुक्त सरकारी भवन में मन्त्रालय को स्थानांतरित करना आवश्यक है। स्वास्थ्य मन्त्रालय सीधे जनता से संपर्क में रहने वाला मंत्रालय है जहाँ प्रतिदिन बहुत से सेवा ग्रहक आते हैं। हालांकि सिंहदरबार के भीतर प्रवेश के लिए पास व्यवस्था करनी पड़ती है, जिससे प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया है।