
अनलाइनखबर ने ‘५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२’ की सूची जारी की
समाचार सारांश
समीक्षा की गई।
- अनलाइनखबर ने ५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२ की सूची जारी की है, जिसमें राजनीति, समाज, कला, युवा, विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा क्षेत्र की ५० महिलाएँ शामिल हैं।
- निर्णायक मंडल ने माघ ८ को ७ सौ से अधिक नामों में से ५० महिलाओं का चयन किया, जिसका संयोजन सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश मीरा खड्का ने किया था।
- अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत ने महिला सशक्तिकरण सिर्फ रूप-सौंदर्य तक सीमित नहीं बल्कि संघर्ष और सफलता की निर्माता होने का यह सूची साबित करती है, कहा।
२३ चैत, काठमांडू। अनलाइनखबर डॉट कॉम ने नेपाल की ‘५० प्रभावशाली महिलाएँ २०८२’ की सूची सार्वजनिक की है। हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (८ मार्च) से पहले जारी की जाने वाली यह सूची इस बार देश में हाल ही सम्पन्न आम निर्वाचन (फागुन २१) और राष्ट्रीय दायित्वों के कारण कुछ देरी से प्रकाशित की गई, इसकी जानकारी अनलाइनखबर के प्रधान संपादक बसन्त बस्नेत ने दी।
इस सूची में नेपाली राजनीति, समाज, कला/साहित्य, संस्कृति, युवा एवं खेलकूद, ज्ञान-विज्ञान, उद्यम और डायस्पोरा क्षेत्र की प्रतिनिधिमूलक ५० संघर्षशील और कर्मठ महिलाएँ शामिल हैं।
अंतिम सूची तैयार करने से पहले अनलाइनखबर ने सार्वजनिक रूप से नाम प्रस्तावित करने का आह्वान किया था। खुला आह्वान के बाद काठमांडू स्थित केंद्रीय समाचार कक्ष, सातों प्रदेशों के संवाददाता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और स्रोतों से ७ सौ से अधिक नाम प्राप्त हुए।
प्राप्त नामों में से ४६० से अधिक का प्रारंभिक सूची बनाई गई। भौगोलिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए समाचार कक्ष ने उक्त सूची को विवेकपूर्ण तरीके से २०० तक सीमित किया और बाद में योगदान, प्रभाव और प्रेरणा के आधार पर ११६ नामों को निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस वर्ष अंतिम चयन करने वाले निर्णायक मंडल की संयोजक सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश मीरा खड्का थीं। वहीं, जूरी के सदस्य इक्रा नेपाल की बिजनेस हेड और बैंकिंग विशेषज्ञ वर्षा श्रेष्ठ, नेपाल पत्रकार महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अनलाइनखबर के पूर्व प्रधान सम्पादक शिव गाउंले, तथा अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बसन्त बस्नेत थे। सम्पूर्ण प्रक्रिया का समन्वय अनलाइनखबर के समाचार कक्ष से एसोसिएट एडिटर सुदर्शन खतिवड़ ने किया।
माघ ८ को हुई जूरी की बैठक में व्यक्तिगत योगदान और सामाजिक संदेश को मुख्य आधार मानकर ५० नामों का चयन किया गया। चयन प्रक्रिया में पहुँच की कमी के कारण यदि कोई उपलब्ध नहीं था या अनुसंधान में जानकारी मेल नहीं खाई तो वैकल्पिक रूप से ५ नामों की सूची भी तैयार की गई थी। इस अंतर्गत २ नामों से कोई संपर्क नहीं हो पाया और १ के तथ्य गलत पाए जाने पर उन्हें हटाकर ३ वैकल्पिक नामों को मुख्य सूची में शामिल किया गया।
‘सफलता का मापदंड: मंज़िल नहीं, पार की गई राह है’
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के योगदान को पहचान और सम्मानित करना तथा उनकी विशिष्ट नेतृत्व प्रतिभा को देश की उपलब्धि के रूप में सार्वजनिक अभिलेख में रखने का उद्देश्य ’५० प्रभावशाली महिलाएँ’ चयन का मुख्य लक्ष्य है, यह बात अनलाइनखबर प्रा.लि. के अध्यक्ष धर्मराज भुसाल ने बताई।
भुसाल ने कहा कि आज के संचार माध्यम का कर्तव्य केवल सत्ता और शक्ति के इर्द-गिर्द घूमना नहीं बल्कि आम जनता की मेहनत, संघर्ष और साधना की कहानी को मुख्यधारा में लाना है।
उन्होंने कहा, ‘शक्ति के बल से चमकने वाली महिलाएँ नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा व संघर्ष से बाधाएँ पार करने वाली महिलाएँ चुनी गई हैं। हमारा समाज महिलाओं को लंबे समय तक केवल पीड़ित के रूप में प्रस्तुत करना चाहता था, लेकिन ये ५० चेहरे उस धारणा को पूरी तरह तोड़ते हैं।’
‘महिलाएँ साधना और संघर्ष की प्रतीक’
अनलाइनखबर के प्रधान सम्पादक बस्नेत ने कहा कि महिलाओं को केवल सुंदरता की सीमा में रखना गलत है।
उन्होंने कहा, ‘अनलाइनखबर ने ५० प्रभावशाली महिलाओं की सूची इस बार तीसरी बार प्रकाशित की है। महिलाओं को अक्सर सिर्फ सौंदर्य की प्रतीक के रूप में चित्रित किया जाता है, गीत और कविताएँ उनके लिए लिखी जाती हैं,’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन ये ५० प्रभावशाली महिलाएँ यह प्रमाणित करती हैं कि महिला साधना और संघर्ष का पर्याय हैं और सफलता की असली निर्माता भी हैं।’
बस्नेत ने आगे कहा, ‘मैं स्वयं जूरी में होने के कारण कह सकता हूँ कि प्राप्त ७ सौ नामों में से कम से कम ४ सौ नाम वास्तव में सम्माननीय हैं।’
चयन सूची में शामिल नहीं होने वाली किन्तु समाज परिवर्तन में सक्रिय सभी महिलाओं को बधाई देते हुए बस्नेत ने आगामी वर्षों में और नए चेहरे शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई।
साथ ही, हाल ही हुए चुनाव से जुड़ा मामला जोड़ते हुए बस्नेत ने कहा, ‘इस वर्ष एक खास अनुभव रहा। यहां मौजूद कई निर्वाचित सांसदों ने अनलाइनखबर के ५० प्रभावशाली महिलाओं के लिए आवेदन किया था। वे आवेदन अभी भी सुरक्षित हैं।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन आपको बधाई देना चाहिए क्योंकि राष्ट्र ने ही आपको जनप्रतिनिधि के रूप में सम्मानित किया है।’
यह अनलाइनखबर की ’५० प्रभावशाली महिलाएँ’ की तीसरी श्रृंखला है। इसके अलावा अनलाइनखबर हर साल अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों के ’चालीस के नीचे चालीस’ युवाओं की सूची भी प्रकाशित करता है।
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