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अमेरिकामा बलात्कार आरोप लागेका कलाकार ‘बले’माथि नेपालमा अनुसन्धान सम्भव छ ?

अमेरिका में बलात्कार के आरोप में उत्तरार्द्ध ‘बले’ के खिलाफ नेपाल में जांच संभव है?

२३ चैत, काठमाडौं। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौं की टीम ने शुक्रवार रात हास्य कलाकार सागर लम्साल ‘बले’ को बूढानीलकण्ठ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय बले पर गंभीर आरोप लगे हुए थे। अमेरिका में रहने वाली एक युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से बले पर बलात्कार का आरोप लगाया था। उस युवती ने पहले से परिचित व्यक्ति के रूप में बले को कमरे में आने के बाद जबरन दुष्कर्म का आशय व्यक्त किया था। बले पर बलात्कार का गंभीर आरोप लगने के बाद युवती के बयान के आधार पर समाचार प्रकाशित और प्रसारित भी हुए थे। इसके बाद परिसर काठमाडौं ने सेफ्टी काठमाडौं ऑपरेशन चलाते हुए बले को गिरफ्तार किया। उसी रात बले सहित १९५ लोगों को गिरफ्तार किया गया। शुक्रवार को गिरफ्तार बले को शनिवार सार्वजनिक अवकाश होने के कारण रविवार तक न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाई गई। हालांकि, जिस आरोप के तहत बले को हिरासत में लिया गया था, उससे अलग अब पुलिस ने अभद्र व्यवहार का मामला बना कर जिल्ला प्रशासन कार्यालय से हिरासत की अवधि बढ़वायी है। परिसर काठमाडौं के एसपी एवं प्रवक्ता पवनकुमार भट्टराई के अनुसार, अभद्र व्यवहार के आरोप में प्रशासन ने ५ दिनों तक हिरासत में रखकर जांच के लिए पुलिस को अनुमति दी है। वर्तमान में बले भद्रकाली स्थित हिरासत में हैं।

दूसरी ओर, बले पर एक युवती द्वारा लगे गंभीर आरोप और उनकी गिरफ्तारी के तुरंत बाद पुलिस ने एक विज्ञप्ति जारी कर इस मामले को खंडित भी किया है। एसपी भट्टराई की जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘अभद्र व्यवहार के मामले में जांच चल रही है, अतः गलत और बिना प्रमाण के सूचना प्रसारित न करने का अनुरोध करते हैं।’ बहिर्क्षेत्रीय अधिकार का उपयोग करके बले के खिलाफ जांच हो सकती है। अमेरिका में बलात्कार के गंभीर आरोप के बावजूद बले के खिलाफ फिलहाल अभद्रता के ही आरोप में जांच की जा रही है, पुलिस सूत्रों ने स्पष्ट किया है। यदि पीड़िता ने शिकायत दी तो ही जांच आगे बढ़ेगी। ‘अब तक शिकायत या पीड़िता के परिवार की ओर से कोई उजुरी नहीं आई है। उजुरी मिलते ही हम जांच शुरू करेंगे,’ परिसर के सूत्र ने बताया।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका में लगे बलात्कार के आरोप के विषय में भी काठमांडू से जांच की जा सकती है। पहली बार मुुलुकी फौजदारी अपराध संहिता २०७४ में बहिर्क्षेत्रीय अधिकार को शामिल किया गया है। संहिता के परिच्छेद-१ के दफा २ में बहिर्क्षेत्रीय प्रयोग का उल्लेख है, जिसके अनुसार यदि कोई अपराध नेपाल के बाहर किया जाता है तो उसे भी नेपाल के अंदर हुए अपराध समान माना जाएगा। दफा २ के उपदफा ३ में कहा गया है कि ‘किसी नेपाली नागरिक द्वारा नेपाल के बाहर किसी अन्य नेपाली नागरिक के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, षड्यंत्र, अंगभंग, अपहरण, गैरकानूनी हिरासत या बलात्कार किए जाने पर नेपाल के अंदर हुए क्रियाकलाप समझकर कार्रवाई की जाएगी’। इसी प्रावधान के आधार पर पुलिस काठमांडू से बले के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है।

पूर्व नायव महान्यायाधीवक्ता गोपाल रिजाल भी बताते हैं कि कुछ अपराधों पर मुुलुकी अपराध संहिता २०७४ के बहिर्क्षेत्रीय अधिकार का प्रयोग संभव है, बशर्ते घटनास्थल वाले देश में उस व्यक्ति के खिलाफ मामला न चले। ‘किसी अपराध में एक व्यक्ति के खिलाफ दो स्थानों से कार्रवाई नहीं हो सकती,’ रिजाल कहते हैं, ‘नेपाल के कानून के तहत बहिर्क्षेत्रीय अधिकार स्वीकार्य अपराधों पर नेपाल में कार्रवाई की जा सकती है।’ अगर वारदात स्थल वाले देश में कार्रवाई हो चुकी हो तो दोहरी सजा के सिद्धांत से दूसरे देश में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। इसका मतलब यह कि यदि काठमांडू में बले के खिलाफ जांच और कार्रवाई हो जाती है, तब अमेरिका में मुकदमेबाजी संभव नहीं होगी। उनके अनुसार, नेपाली नागरिक द्वारा विदेश में किए गए अपराध की जांच के लिए सबूत एकत्रित करने का कार्य उसी देश में होना आवश्यक होता है। इसके लिए दोनों देशों के बीच कानूनी सहायता आदि व्यवस्था उपयोग की जाती हैं। ‘यदि घटनास्थल पर पहुंचना संभव न हो तो जांच आरोपी के वर्तमान स्थान से ही की जानी चाहिए।’ मुुलुकी अपराध संहिता २०७४ के दफा २ में बलात्कार के मामले में भी बहिर्क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार का प्रावधान मौजूद है। जबकि अमेरिकी कानून भी दुष्कर्म को अपराध मानता है। वहां की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाए बिना यदि पीड़ित नेपाल में कानूनी कार्रवाई शुरू करता है तो जांच आगे बढ़ाई जा सकती है।

पुलिस पहले भी बहिर्क्षेत्रीय अधिकार का प्रयोग कर मामलों की जांच कर चुकी है। मलेशिया में विदेशी रोजगार के दौरान झापा शिवसताक्षी नगरपालिका–३ के ४० वर्षीय धनबहादुर प्रधान की हत्या के मामले में भी पुलिस ने इस अधिकार का इस्तेमाल किया था। मलेशिया में साथ काम करने वाले नेपाली अनिलकुमार साह (२४) ने प्रधान की हत्या की थी। साह ‘स्वीपर’ थे जबकि प्रधान काम देने वाले थे। दोनों में विवाद रहता था, जिससे साह ने २ मंसिर २०८० को हत्या कर दी। बाद में साह नेपाल लौटकर त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रिय विमानस्थल पर गिरफ्तार हुआ था। २६ पुष को उसे जेल भेजा गया था। उस मामले की जांच करते हुए एसपी कुमोध ढुंगेल बताते हैं कि मलेशियाई पुलिस से घटनास्थल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, इंटरपोल सहायता, सहयोगियों और गवाहों के वीडियो बयान लिए गए जिससे मामला स्थापित किया गया।

पुलिस सहायता कर्मचारियों की कमी के कारण जांच में मुश्किलें आती हैं, क्योंकि नेपाली डायस्पोरा दुनिया भर में फैले हुए हैं और यूरोप, अमेरिका, खाड़ी देशों में उनकी संख्या अधिक है। वहां की समस्याओं को समझने और समाधान के लिए ऐसी जगह पुलिस सहायता कर्मियों की आवश्यकता है। फिलहाल नेपाल ने केवल भारत में ही पुलिस सहायता कर्मी नियुक्त किए हैं। अन्य देशों में पुलिस सहायता कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। अमेरिका में पुलिस सहायता कर्मचारी होने पर पीड़ित से सीधे संपर्क कर या वहां की पुलिस के सहयोग से जांच प्रक्रिया सरल हो सकती है। नेपाली समुदाय की अधिकता वाले देशों में पुलिस सहायता कर्मी होने से समस्याओं के समाधान और सहायता में आसानी होती है। आईजीपी दानबहादुर कार्की ने भी २७ कात्तिक को गृह मंत्रालय में संबोधन के दौरान इस विषय को उठाया था और कहा था कि विदेश में रहने वाले नेपाली लोगों की सुरक्षा और आकस्मिक परिस्थितियों के लिए पुलिस सहायता कर्मचारियों की नियुक्ति प्राथमिकता मिलेगी। नेपाल पुलिस काफी समय से खाड़ी देशों, अमेरिका, चीन और यूरोप की देशों में पुलिस सहायता कर्मचारियों की मांग करता रहा है, लेकिन अभी तक यह संभव नहीं हो पाया है।

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