
ई-पेंशन प्रणाली की शुरुआत, 3 लाख से अधिक लाभान्वित होने की उम्मीद
सरकार ने पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक जाने की अनिवार्यता को समाप्त करते हुए ई-पेंशन प्रमाणीकरण प्रणाली शुरू की है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने महालेखा नियंत्रक कार्यालय द्वारा विकसित इस प्रणाली के शुक्रवार को औपचारिक रूप से संचालन में आने की जानकारी दी। इस प्रणाली से 3,52,816 पेंशनधारकों के नवीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने और बैंक कमीशन को शून्य करने में मदद मिलेगी, मंत्रालय ने बताया।
27 चैत्र, काठमांडू। सरकार ने पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक दौड़ने की स्थिति को समाप्त कर दिया है। अर्थमंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने आज ई-पेंशन प्रमाणीकरण प्रणाली का शुभारंभ किया। इस प्रणाली के शुभारंभ के साथ लगभग 3,50,000 से अधिक पेंशनधारक पेंशन नवीकरण की जटिल प्रक्रिया और बैंक चयन की झंझट से मुक्त होंगे। सरकार को चुकाने वाला बैंक कमीशन भी शून्य होगा, मंत्रालय ने उल्लेख किया है।
अर्थ मंत्रालय के अनुसार अब सेवानिवृत्त व्यक्तियों को भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी, वे घर बैठे ही सेवा प्राप्त कर सकेंगे। भुगतान के लिए लगने वाला बैंक कमीशन का वार्षिक औसत लगभग 15 करोड़ रुपये घटने की उम्मीद है। नकद प्रवाह अनुमानित होने से कोष पर होने वाला दबाव भी प्रबंधित करना आसान होगा। पेंशन मैन्युअल रूप से गणना करने में होने वाली मानवीय त्रुटियाँ भी कम होंगी, मंत्रालय ने कहा। इस नई योजना से 3,52,816 सक्रिय और निष्क्रिय पेंशनधारक लाभान्वित होंगे।
पहले नए सेवानिवृत्त व्यक्तियों को बैंक चुनने के लिए पेंशन प्रबंधन कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना पड़ता था। सेवानिवृत्त व्यक्तियों को बैंक जाकर हर वर्ष अपने खाते का नवीनीकरण कराना होता था। पेंशन राशि और कर की गणना मैन्युअल रूप से की जाती थी। समय पर नवीनीकरण न होने के कारण नकद प्रवाह की पूर्वधारणा करना कठिन होता था।