समाचार सारांश
- गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने नागढुंगा–मुग्लिङ सड़क सुधार परियोजना का स्थलगत निरीक्षण कर निर्माणकों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
- निर्माण सामग्री की कमी और स्थानीय प्रशासन की बाधाओं के कारण सड़क परियोजना में देरी हुई है, जो रिपोर्ट में भी उल्लेखित है।
- गृहमंत्री गुरुङ ने मंत्रालयों के बीच समन्वय के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने का वादा किया है।
26 चैत्र, काठमांडू। गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने राष्ट्रीय गौरव की परियोजना नागढुंगा–मुग्लिङ सड़क सुधार कार्य का स्थलगत निरीक्षण किया है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य में देरी करने और गुणवत्ता रहित कार्य करने वाले निर्माणकों को कड़ी कार्रवाई का अलर्ट दिया।
गृहमंत्री गुरुङ ने परियोजना के नौबिसे–मलेखु और मलेखु–मुग्लिङ खंडों का विस्तृत अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने निर्माणकों को निर्धारित समय पर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
‘कार्य में किसी भी बहाने से देरी स्वीकार्य नहीं होगी। यदि अनुबंध के अनुसार काम नहीं हुआ और गुणवत्ता में समझौता किया गया तो ऐसे कंपनियों को तत्काल काली सूची में डालकर कार्रवाई की जाएगी,’ उन्होंने स्पष्ट किया।
परियोजना द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में निर्माण सामग्री की कमी को मुख्य समस्या बताया गया है। विशेष रूप से नदीजन्य और खानीजन्य सामग्री के उत्खनन में कानूनी और प्रशासनिक जटिलताओं के कारण देरी हुई है। स्थानीय प्रशासन भी नदीजन्य सामग्री (पत्थर, बजरी, बालू) के उत्खनन में बाधा बना हुआ है।
पहले क्रसर उद्योगों के बंद होने से निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हुई, वहीं विभिन्न स्थानीय प्रशासनों द्वारा दोहरी कर प्रणाली अपनाने, कर दरों में असंगति, सामग्रियों की परिवहन में प्रशासनिक जटिलताएं, तथा खदान उत्खनन के लिए आवश्यक पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन और मंजूरी में देरी जैसी समस्याएं सामने आई हैं। परियोजना ने नई सरकार से बेल्खु बगर, घाटबेसी बगर और मलेखु–लाम बगर जैसे स्थानों से आवश्यक निर्माण सामग्री प्रदान करने और परिवहन की सुविधा देने का आग्रह किया है।
गृहमंत्री गुरुङ ने इन समस्याओं को हल करने के लिए सरकार की ओर से मंत्रालयों के बीच समन्वय कर आवश्यक समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

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