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नेपाल आयल निगम की प्रतिबद्धता: भारी घाटा सहकर आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास

नेपाल आयल निगम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में अत्यधिक वृद्धि के कारण लगभग सात अरब इक्यानवे करोड़ पैंसठ लाख रुपये के घाटे का सामना कर रहा है। निगम ने एलपी गैस सिलेंडर पर प्रति सिलेंडर ३३१ रुपये २५ पैसे और डीजल पर प्रति लीटर ८७ रुपये ९९ पैसे के घाटे की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रमपूर्ण सूचनाओं पर ध्यान देते हुए निगम ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने पर उचित मूल्य संशोधन किया जाएगा। ३० चैत्र, काठमांडू।

नेपाल आयल निगम ने पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत और लाभ-हानि से संबंधित सोशल मीडिया पर फैल रही नकारात्मक सूचनाओं पर गंभीर ध्यानाकर्षण व्यक्त किया है। निगम ने सोमवार को जारी सूचना में बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत अत्यधिक बढ़ने के कारण वे साप्ताहिक रूप से लगभग सात अरब इक्यानवे करोड़ पैंसठ लाख रुपये के घाटे में हैं। निगम के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की चैत्र १७ की तिथि वाली नवीनतम मूल्य सूची के अनुसार पेट्रोलियम पदार्थों की खरीद लागत अत्यंत महंगी है।

सार्वजनिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में सबसे अधिक घाटा एलपी गैस और डीजल पर है। मूल्य समायोजन के बावजूद निगम को सिलेंडर पर ३३१ रुपये २५ पैसे तथा डीजल पर प्रति लीटर ८७ रुपये ९९ पैसे का घाटा हो रहा है। पेट्रोल पर प्रति लीटर २ रुपये ३२ पैसे, मट्टी तेल पर ३६ रुपये ७० पैसे और आंतरिक हवाई ईंधन पर ९२ पैसे प्रति लीटर का घाटा है। आईओसी द्वारा उपलब्ध कराई गई कीमतों के अनुसार निगम को पेट्रोल खरीदने पर प्रति लीटर २ सय २१ रुपये ३२ पैसे का खर्च होता है, जबकि खुदरा बिक्री मूल्य केवल २ सय १९ रुपये निर्धारित है।

इन जटिल आर्थिक परिस्थितियों और भारी घाटे के बावजूद निगम ने पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति की सुगमता और प्रबंधन बनाए रखने का दावा किया है। निगम ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की इस स्थिति को समझने और सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर भरोसा न करने का सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें घटने पर नेपाल में भी उचित मूल्य समायोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

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