
एरिजोना की मरुस्थल में ‘छोटे उल्लू’ द्वारा ‘बड़े उल्लू’ के शरीर की सफाई: अनोखा सहकार्य
समाचार सारांश स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के कीटवैज्ञानिक मार्क मफ़ेट ने खोजा है कि छोटे ‘कोन’ उल्लू बड़े ‘हार्वेस्टर’ उल्लुओं के शरीर की सफाई करते हैं, जो एक अनोखा सहकार्य है। एरिजोना के चिरिकाहुआ पर्वत श्रृंखला में ९० घटनाओं में १५ सेकंड से ५ मिनट तक बड़े उल्लू के शरीर की सफाई करते हुए देखा गया है। इस सहकार्य से छोटे उल्लू ऊर्जा प्राप्त करते हैं और बड़े उल्लू संक्रमण तथा परजीवी से बचते हैं, वैज्ञानिकों ने बताया है। २ वैशाख, काठमाडौं।
स्मिथसोनियन नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के कीटवैज्ञानिक मार्क मफ़ेट के अध्ययन से पता चला है कि छोटे ‘कोन’ उल्लू बड़े ‘हार्वेस्टर’ उल्लुओं के शरीर की सफाई करते हैं। इकोलॉजी एंड एवोल्यूशन जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार ये दो विभिन्न प्रजाति के उल्लू आपस में एक अत्यंत अद्भुत संबंध रखते हैं। आमतौर पर उल्लू आक्रामक व्यवहार दिखाते हैं, लेकिन इस स्थिति में बड़े हार्वेस्टर उल्लू छोटे उल्लुओं के घोंसले के पास शांति से खड़े रहते हैं और अपने तेज दांत दिखाते हैं।
इसके बाद छोटे कोन उल्लू उन बड़े उल्लुओं के शरीर पर चढ़कर अपने मुंह और शरीर से जुड़ी गंदगी और परजीवियों को चाटकर सफाई करते हैं। अनुसंधान के अनुसार मार्क मफ़ेट ने एरिजोना के चिरिकाहुआ पर्वत श्रृंखला में कॉफी पीते समय यह दृश्य संयोगवश देखा। शुरुआत में उन्होंने इसे उल्लूओं के बीच संघर्ष समझा, लेकिन विस्तार से देखने पर पता चला कि बड़े उल्लू स्वयं की सफाई करवा रहे थे। कम से कम ९० घटनाओं के अध्ययन में एक हार्वेस्टर उल्लू को साफ करने में १५ सेकंड से ५ मिनट तक का समय लगा।
सफाई के बाद बड़े उल्लू छोटे उल्लूओं को अपने शरीर से झटक देते और अपनी राह पर चले जाते हैं। यह सहकार्य दोनों पक्षों के लिए लाभदायक है। छोटे कोन उल्लू बड़े उल्लू के शरीर से ऊर्जा युक्त सूक्ष्म कण खाते हैं, जबकि बड़े हार्वेस्टर उल्लू अपने शरीर के उन हिस्सों की सफाई कराते हैं जो वे स्वयं नहीं पहुंचा पाते, इससे वे संक्रमण और परजीवी से बचते हैं। कीटवैज्ञानिक मफ़ेट के अनुसार यह खोज प्राकृतिक पर्यावरण में और भी रहस्यों के होने का संकेत देती है। उल्लू जैसे छोटे जीवों के व्यवहार का सूक्ष्म अवलोकन करने पर ऐसे अद्भुत तथ्य सामने आते हैं।