
फेसबुक की मूल कंपनी मेटा 16 हजार कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी में
मेटा कंपनी ने कुल 16 हजार कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई है। मेटा ने एआई तकनीक में लगभग 135 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करते हुए अपने भविष्य को ‘एआई-फर्स्ट’ बनाने की रणनीति अपनाई है। विश्व के प्रमुख तकनीकी कंपनियों में छंटनी की शुरुआत हो चुकी है। ओरेकल के बाद अब फेसबुक की मूल कंपनी मेटा ने भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है, जो वैश्विक तकनीकी उद्योग में गंभीर बदलाव का संकेत है। समाचार के अनुसार, कंपनी आगामी समय में लगभग 16 हजार कर्मचारियों को हटाने की तैयारी कर रही है। पहले चरण में आगामी 20 मई को लगभग 8 हजार कर्मचारियों को विदा किया जाएगा।
कर्मचारी छंटनी का यह कदम मेटा के खर्चों में कटौती का प्रयास मात्र नहीं बल्कि एआई तकनीक की दिशा में रणनीतिक परिवर्तन के रूप में भी देखा जा रहा है। मेटा कंपनी पिछले कुछ समय से मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व में एआई क्षेत्र में अपनी प्रभुसत्ता स्थापित करने के लिए आक्रामक रूप से आगे बढ़ रही है। जेनेरेटिव एआई, मशीन लर्निंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और विशाल डेटा सेंटरों में अरबों डॉलर का निवेश कर मेटा ने अपने भविष्य को ‘एआई-फर्स्ट’ बनाने का स्पष्ट संकेत दिया है।
विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी अपने कार्यबल को चुस्त और स्वचालित बनाने की रणनीति अपनाते हुए लगभग 10 प्रतिशत तक कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। दिलचस्प बात यह है कि मेटा कंपनी आर्थिक संकट के कारण छंटनी नहीं कर रही है। आर्थिक रूप से मजबूत होते हुए भी मेटा यह कदम उठा रही है। कंपनी की वार्षिक आय और मुनाफा दोनों उच्च स्तर पर होने के बावजूद लंबे समय तक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए लागत संरचना में परिवर्तन आवश्यक है, यह विशेषज्ञों की राय है।
मेटा का निर्णय वास्तव में ‘कम लोग, ज्यादा उत्पादन’ नामक नई डिजिटल अर्थव्यवस्था के सिद्धांत के अनुरूप है। जहां पहले बड़ी संख्या में मानवशक्ति की आवश्यकता होती थी, वहीं अब एआई प्रणाली के माध्यम से कार्य तेज और सस्ते तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। कर्मचारी छंटनी का यह कदम मेटा के लिए नया और पहला नहीं है। वर्ष 2022 और 2023 में कंपनी ने लगभग 21 हजार कर्मचारियों को हटाया था। लेकिन 2026 में शुरू हुई यह नई छंटनी की लहर और भी गहन और संरचनात्मक प्रतीत होती है।
तकनीकी क्षेत्र में व्यापक बदलाव, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर नए जोखिम के रूप में जनशक्ति की छंटनी की प्रवृत्ति केवल मेटा तक सीमित नहीं है। ओरेकल सहित अन्य बड़ी तकनीकी कंपनियों ने भी हाल ही में हजारों कर्मचारियों को निकाला है। यह संकेत है कि अब विश्व भर का तकनीकी उद्योग एआई-प्रेरित पुनर्गठन के चरण में प्रवेश कर चुका है। विकासशील देशों में स्थित आउटसोर्सिंग श्रमिक, विशेषतौर पर एआई ट्रेनिंग और कंटेंट मॉडरेशन से जुड़े कार्यकर्ता, सबसे ज्यादा रोजगार असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विश्व स्तर पर कार्यस्थल से मानव जनशक्ति का विस्थापन इस तरह जारी रहा, तो यह एआई लेअफ ट्रैप की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में असंतुलन पैदा होने का खतरा है, जिसकी लेकर विशेषज्ञ गंभीर चिंता जता रहे हैं।