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गुराँस की राजधानी तीनजुरे–मिल्के–जलजले क्षेत्र पर्यटकों से भर गया, होटल न मिलने पर लौटना पड़ा

कोशी प्रदेश के तीनजुरे-मिल्के-जलजले क्षेत्र में रंगीन गुराँस खिलकर पर्यटकों की भीड़ से गुलजार हो गया है। होटल एसोसिएशन तेह्रथुम के अध्यक्ष प्रकाश श्रेष्ठ के अनुसार चैत २२ के बाद पर्यटकों का आगमन अत्यधिक बढ़ा है। चैते सामुदायिक वन उपभोक्ता समितियों के अध्यक्ष इन्द्रबहादुर खड्काले गुराँस तोड़ने वालों के खिलाफ वन कानून के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। १५ वैशाख, धनकुटा।

कोशी प्रदेश का प्रमुख पर्यटक स्थल तीनजुरे-मिल्के-जलजले (टीएमजे) क्षेत्र इस समय रंग-बिरंगे गुराँस के फूलों से पूरी तरह सज-धज कर दुल्हन की तरह खूबसूरत नजर आ रहा है। वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही प्रकृति का अनुपम सौंदर्य लिए यह क्षेत्र अब पर्यटकों से भरा हुआ है। गुराँस की राजधानी के रूप में जाना जाता टीएमजे क्षेत्र में बड़ी संख्या में आंतरिक और कुछ बाहरी पर्यटकों की भीड़ हो रही है, जिससे होटलों में जगह नहीं बची है और हजारों पर्यटक आवास न मिलने के कारण वापस लौटने को मजबूर हैं।

तेह्रथुम, संखुवासभा और ताप्लेजुङ जिलों के संगम स्थल माने जाने वाले टीएमजे क्षेत्र में चैत के मध्य से लेकर वैशाख तक की अवधि पर्यटन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त मानी जाती है। चैत से जेठ तक खिलने वाले गुराँस जंगलों को रंग-बिरंगा कर देते हैं और पहाड़ों को लाल, पीला, गुलाबी तथा सफेद रंगों से सजा देते हैं। तेह्रथुम के वसन्तपुर से शुरू होकर घुर्बिसे, पाँचपोखरी, फेदी, चौकी, मंगलबारे, गुफा, सुके, जोरपोखरी होते हुए ताप्लेजुङ तक फैला यह क्षेत्र गुराँस के वन तथा बीच-बीच में मिलने वाले लामपोखरी और गुफापोखरीजैसे छोटे-बड़े पोखरों से पर्यटकों का मन मोहता है।

गुराँस के खिलने के साथ ही बसन्तपुर चोत्लुङ पार्क से लेकर टुटे देउराली, आरआर गार्डेन, डुंडपानी, घुर्बिसे, पाथिभरा आसपास, पाँचपोखरी और गुफा क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी उपस्थिति देखी जा रही है। इस वर्ष पर्याप्त बारिश और अनुकूल मौसम के कारण गुराँस पिछले वर्ष के मुकाबले अधिक खिल रहा है, स्थानीय लोगों ने बताया। गुराँस की इसी आकर्षकता के चलते पर्यटकों का दबाव तीव्र गति से बढ़ा है।

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