
ट्रम्प का दावा: इरान की स्थिति ध्वस्त होने को है, इरान की तीन शर्तें अस्वीकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि इरान ‘स्टेट ऑफ कोलेप्स’ यानी ध्वस्त होने की कगार पर है और जल्द से जल्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना आवश्यक है। इरान ने वार्ता के लिए तीन शर्तें रखीं हैं, जिसमें अमेरिका से नाकाबंदी हटाने की मांग की गई है। लेकिन ट्रम्प ने परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे का समाधान किए बिना होर्मुज खोलने से इनकार किया है। १६ वैशाख, काठमांडू। ट्रम्प ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि इरान स्वयं को ध्वस्त होते हुए देख रहा है और समुद्री आवागमन को पुनः सामान्य बनाने के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना चाहता है। उनके अनुसार, इरान अपनी नेतृत्व टीम को बदलकर वर्तमान संकट से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है।
इसी तरह, इरान ने ट्रम्प के दबाव को अस्वीकार कर दिया है। इरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने कहा है कि अमेरिका अन्य देशों को निर्देश देने की स्थिति में नहीं है और उसे अपने अनुचित मांगें छोड़नी चाहिए। फिलहाल अमेरिका, इरान और इजरायल के बीच युद्धविराम बना हुआ है, लेकिन तनाव समाप्त करने के लिए वार्ता अभी तक कोई निर्णायक परिणाम नहीं दे पाई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्री मार्ग से ईंधन की ढुलाई अभी भी सुगम नहीं हो पाई है। यह मार्ग विश्व के प्रमुख समुद्री मार्गों में से एक है। यहाँ से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है, इसलिए यहाँ तनाव बढ़ने पर विश्व बाजार प्रभावित होता है।
इरान ने अमेरिका से वार्ता के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंदी तुरंत हटाने की अपील की है। द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, इरान ने रविवार को अमेरिका को नई वार्ता प्रस्ताव भेजा था, जिसमें तीन प्रमुख शर्तें शामिल थीं— १. अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध समाप्त हो और भविष्य में कोई आक्रमण न हो। २. इसके बाद अमेरिका समुद्री नाकाबंदी हटाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पुनः खोलें और जहाजों की आवाजाही पुनः शुरू हो। ३. केवल इसके पश्चात ही परमाणु कार्यक्रम और युरेनियम समृद्धि जैसे विवादास्पद विषयों पर चर्चा की जाए। लेकिन ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने की जिद की है।
सीएनएन के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम के विषय पर समाधान किए बिना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना वार्ता में अमेरिकी पक्ष को कमजोर कर सकता है। इसलिए इन सभी मुद्दों का एक साथ हल होना आवश्यक है। ट्रम्प ने कुछ दिन पहले दूसरी बार इरान के प्रस्ताव को खारिज किया है। कुछ हफ्तों से इरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के माध्यम से प्रस्तावों का आदान-प्रदान होता रहा है, परन्तु परमाणु कार्यक्रम से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। अमेरिका ने इरान से २० साल तक अपने परमाणु कार्यक्रम को स्थगित करने और कब्जे में मौजूद ४४० किलो समृद्ध युरेनियम सौंपने का अनुरोध किया है, जिसे इरान ने अत्यधिक और अनुचित बताते हुए अस्वीकार कर दिया है।