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मेची सीमा शुल्क कार्यालय से अलैंची निर्यात में वृद्धि, चाय निर्यात में कमी

१८ वैशाख, भद्रपुर (झापा) । मेची सीमा शुल्क कार्यालय से चालू आर्थिक वर्ष २०८२/८३ के चैत मसान्त तक अलैंची निर्यात में ४१.५८ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सीमा शुल्क कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में १० अरब ७० करोड़ ७ लाख १८ हजार रुपए के अलैंची का निर्यात हुआ है। चालू वर्ष के नौ महीनों में ५,२९५ मेट्रिक टन अलैंची निर्यात हुआ है, यह जानकारी मेची सीमा शुल्क कार्यालय के सूचना अधिकारी ईश्वरकुमार हुमागाईं ने दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष २०८१/८२ के समान अवधि में अलैंची निर्यात ६ अरब २५ करोड़ १२ लाख ६१ हजार रुपए के बराबर था।

इसी तरह, सीमा शुल्क कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के नौ महीनों में चाय निर्यात में २६.७३ प्रतिशत की गिरावट आई है। इस अवधि में २ अरब ५८ करोड़ १९ लाख ८५ हजार रुपए के चाय का निर्यात हुआ है। पिछली वर्ष २०८१/८२ की इसी अवधि में चाय निर्यात ३ अरब २७ करोड़ २० लाख ७२ हजार रुपए के बराबर था, यह सूचना अधिकारी हुमागाईं ने बताया। कार्यालय के अनुसार निर्यात होने वाली मुख्य वस्तुओं में वेनियर सीट का निर्यात ३०.८८ प्रतिशत, छुर्पी का ३०.३५ प्रतिशत बढ़ा है, जबकि प्लाईवुड का ३७.७३ प्रतिशत, अम्रिसो का ३७.३३ प्रतिशत, फलामे पत्ते का निर्यात १७४७.८१ प्रतिशत और मोलासिस का ३६१.३५ प्रतिशत वृद्धि हुई है। हालांकि, सिमेंट क्लिंकर का निर्यात शत-प्रतिशत गिरा है। मेची सीमा शुल्क कार्यालय से चालू वर्ष २०८२/८३ के चैत मसान्त तक कुल १९ अरब ४३ करोड़ ३५ लाख ३२ हजार रुपए के माल-सामान का निर्यात हुआ है।

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