
क्या स्वास्थ्य और पर्यटन का सेतु बनेगा नेपाल?
समाचार सारांश
- सरकार ने वर्ष 2027 को ‘स्वास्थ्य पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है और इसके साथ 10 वर्षीय रणनीति तथा 5 वर्षीय कार्ययोजना के तहत स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है।
- रणनीति के तहत आने वाले 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या 11 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य है।
- सरकार ने काठमांडू, पोखरा, लुम्बिनी, नगरकोट समेत विभिन्न स्थानों पर एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना बनाई है।
१८ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने वर्ष 2027 को ‘स्वास्थ्य पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है। इसके साथ ही देश ने 10 वर्षीय स्वास्थ्य पर्यटन रणनीति (2026-2035) और 5 वर्षीय कार्ययोजना (2026-2030) के तहत स्वास्थ्य पर्यटन को तीव्र गति से बढ़ावा देने का संकल्प लिया है।
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, स्वास्थ्य पर्यटन के चार प्रमुख क्षेत्रों में काम करने की योजना है। ये क्षेत्र हैं स्पा और मसाज, आयुर्वेद क्लिनिक, योग और ध्यान, तथा प्राकृतिक उपचार और आध्यात्मिक गतिविधियां। मंत्रालय ने इसके लिए आचार संहिता भी तैयार की है।
मंत्रालय के सचिव मुकुंदप्रसाद निरौलाअनुसार, ‘प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि और आध्यात्मिक पक्षों का अनुपम संगम नेपाल को स्वास्थ्य पर्यटन के लिए विश्व के श्रेष्ठ गंतव्यों में से एक बनाता है।’
उनका कहना है कि नेपाल की नीतियाँ और योजनाएं पर्यटन के साथ-साथ स्वास्थ्य और आरोग्य पर्यटन को भी रणनीतिक विकास के केंद्र में रखती हैं।
लगानी बोर्ड नेपाल ने स्वास्थ्य पर्यटन को अपनी प्रमुख निवेश प्राथमिकता में रखा है। इसके तहत नई साझेदारी और नियामक ढांचे स्थापित कर इन पहलों को संस्थागत सहायता प्रदान करने की उम्मीद है। रणनीति में स्वास्थ्य और पर्यटन के बीच संबंध मजबूत करने के लिए निवेश प्रोत्साहन योजना भी तैयार की गई है।
आगामी 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख पर्यटकों की संख्या 11% बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार दीर्घकालीन रणनीति के तहत अगले 5 वर्षों में स्वास्थ्य-उन्मुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का आगमन 11 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। मंत्रालय का उद्देश्य है सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के साथ पर्यटकों को मापनीय स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना।
इससे नेपाल की गंतव्य विपणन और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में वृद्धि होगी। नेपाल को पर्वतारोहण, पदयात्रा और साहसिक पर्यटन के अलावा स्वास्थ्य पर्यटन का भी प्रमुख गंतव्य बनाना इसकी कार्ययोजना में शामिल है।
सन 2030 तक कम से कम 5 प्रमुख क्षेत्रों में एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे। 2035 तक स्वास्थ्य पर्यटन सेवाएं पर्यटक संतुष्टि को 8.5/10 या उससे अधिक पर लाने का लक्ष्य रखती हैं।
मंत्रालय के अनुसार, 2027 के अंत तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानक एवं आचार संहिता का कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। 2030 तक सभी प्रमुख स्वास्थ्य आधारभूत संरचनाओं को प्रमाणित कर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अभ्यास से जोड़ा जाएगा।
इसी तरह, 2030 तक राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त कार्यक्रमों के तहत 2,000 नए स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। नई नौकरियों में कम से कम 30 प्रतिशत महिलाओं, युवाओं और स्थानीय समुदायों को समावेशित करने की योजना है।
वर्ष 2027 तक ‘आरोग्य नेपाल’ के तहत विपणन अभियान भी शुरू किया जाएगा।
रणनीति का उद्देश्य क्या है?
इस रणनीति के मुताबिक सरकार नेपाल को स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने हेतु एकीकृत स्वास्थ्य केंद्रों का नेटवर्क विकसित करने की योजना बना रही है। स्वास्थ्य पर्यटन से आर्थिक लाभ, उच्च गुणवत्ता वाले और मानकीकृत दक्ष जनशक्ति का विकास तथा प्रशिक्षण सुनिश्चित करना इसके उद्देश्य हैं।
पर्यटक की आवश्यकताओं को पूरा करने, हिमालयी सेवा केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने और नेपाल के सामाजिक-पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखते हुए स्वास्थ्य पर्यटन संचालित करना भी इस योजना का उद्देश्य है।
स्वास्थ्य केंद्र कहां-कहां स्थापित होंगे?
सरकार ने ऐसी रणनीतिक स्थानों का चयन किया है जहां एकीकृत स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर पर्यटकों को जीवन-बदलाव के अनुभव प्रदान किए जा सकें।
काठमांडू उपत्यका को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। पोखरा और अन्नपूर्ण क्षेत्र को प्रकृति-समर्पित योग राजधानी बनाया जाएगा।

लुम्बिनी को आध्यात्मिक आरोग्य धाम के रूप में विकसित किया जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों जैसे नगरकोट, धुलिखेल, सराङकोट आदि में इको रिजॉर्ट और सामुदायिक आरोग्य ग्राम स्थापित किए जाएंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों (मनांग, मुस्ताङ) में लेक स्वास्थ्य और दुर्गम आध्यात्मिक समर्पण कार्यक्रम चलाया जाएगा।
सेवा सुविधाओं की श्रेणियां
नेपाल को एक मजबूत स्वास्थ्य पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए विभिन्न सेवा-श्रेणियां तैयार की गई हैं। इसके तहत स्वास्थ्य पदयात्रा मार्ग की गतिविधियां संचालित होंगी।
मठ ध्यान रिट्रीट, आयुर्वेद और डिटॉक्स रिट्रीट, ध्वनि और ऊर्जा उपचार यात्रा, योग सहित साहसिक पैकेज, मौसमी स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाने की योजना है।
मौसमी कार्यक्रमों में मानसूनी डिटॉक्स (असार–भाद्र), सर्दी प्रतिरक्षा कार्यक्रम (मंसिर–माघ), वसंत नवीनीकरण (फागुन–जेठ) और शरद ऋतु कृतज्ञता (असोज–कार्तिक) शामिल हैं।
पायलट प्रोजेक्ट्स में क्या किया जाएगा?
पर्यटन मंत्रालय के अनुसार विशेष पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिनमें 2027 के अंत तक पोखरा या काठमांडू में अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिट्रीट स्थापित करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी की जाएगी।
उस केंद्र में स्पा, ध्यान, योग और संपूर्ण उपचार पैकेज उपलब्ध होगा। लुम्बिनी में आरोग्य ग्राम विकसित किया जाएगा, जहां पर्यटकों को शांति वातावरण में ध्यान, आयुर्वेदिक उपचार, जागरूक जीवनशैली और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान किए जाएंगे। बुद्ध जन्मभूमि लुम्बिनी में मठ रिट्रीट मॉडल भी स्थापित करने का योजना है।

सामुदायिक स्वामित्व वाली ईको-विलेज में ईको लॉज, योगशाला, जैविक वातावरण से लेकर पारंपरिक जड़ी-बूटी उपचार तक की सुविधाएं दी जाएंगी। यह बुटीक हिल स्टेशन आरोग्य ग्राम नगरकोट जैसे स्थानों पर बनेगा।
निवेश प्रोत्साहन योजना क्या है?
सरकार नवप्रवर्तन और निवेश आकर्षित करने के लिए आर्थिक सहायता एवं अनुदान कार्यक्रम शुरू करेगी। सार्वजनिक-निजी साझेदारी मॉडल से निवेश जुटाने पर जोर रहेगा। अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करने हेतु नीति और आधारभूत संरचना अनुकूलित करने की योजना है।
कार्यान्वयन रणनीति कैसी होगी?
2026-27: 5 से 8 प्रीमियम स्वास्थ्य सेवा सुविधाएं तैयार और 10 से 20 लाख अमेरिकी डॉलर की आय अर्जित।
2028-29: सेवाओं का विस्तार कर 1 करोड़ 20 लाख डॉलर तक आय।
2030 के बाद: परिपक्व बाजार का निर्माण, स्वास्थ्य पर्यटन में नेतृत्व, वार्षिक 2 से 3 करोड़ डॉलर की आय का लक्ष्य।
स्वास्थ्य पर्यटन के स्रोत बाजार कौन-कौन होंगे?
रणनीति के अनुसार योग प्रशिक्षक प्रशिक्षण, रिट्रीट अनुभव और दीर्घकालीन प्रवास के अवसर तलाशने वाले पर्यटक मुख्य स्रोत बाजार होंगे।
गुंबा आधारित निवास, मौन ध्यान अभ्यास और तीर्थयात्रा से जुड़े स्वास्थ्य-सांस्कृतिक गतिविधियों का अनुभव करना चाहने वाले पर्यटक भी स्रोत बाजार का हिस्सा होंगे।
आयुर्वेद, डिटॉक्स तथा प्रायोगिक सेवाओं पर आधारित स्वास्थ्य कार्यक्रमों के इच्छुक पर्यटक, पदयात्रा, राफ्टिंग, प्रकृति अन्वेषण के साथ मसाज, योग और तातोपानी आधारित स्वास्थ्य अभ्यास करने वाले पर्यटक नेपाल के स्रोत बाजार में शामिल होंगे।
स्पा और मनोरंजन स्वास्थ्य पर्यटक, कॉर्पोरेट और पारिवारिक स्वास्थ्य पर्यटक भी लक्षित बाजार में आएंगे।
देशों के अनुसार अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में मौलिक, आध्यात्मिक तथा प्रकृतिपरक स्वास्थ्य अनुभव की मांग सबसे अधिक होगी।
दूसरी प्राथमिकता में भौगोलिक निकटता और स्वास्थ्य जागरूकता वाले जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और मध्य पूर्व के देश होंगे।
तीसरी प्राथमिकता में उच्च मूल्य के स्वास्थ्य पर्यटन में रुचि रखने वाले चीन, ब्राजील और फ्रांस जैसे देश शामिल हैं।