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सरकार द्वारा डोजर परिचालन से नागरिकों में भय, घरों पर चिपकाए गए भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र

समाचार सारांश सरकार ने सुकुम्वासी प्रबंधन के लिए विभिन्न बस्तियों में डोजर परिचालित किया है। लेकिन, सुकुम्वासियों की पहचान किए बिना नदी किनारे जो भी घर बने हुए हैं, उन्हें तोड़ने से नागरिकों में आतंक की भावना फैल गई है। धोबीखोला क्षेत्र में डोजर चलाए जाने के बाद निवासी अपने घरों की दीवारों पर भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र चिपका रहे हैं। १९ वैशाख, काठमांडू। सरकार ने सुकुम्वासी प्रबंधन हेतु बस्तियों में डोजर परिचालन किया है। बिना सुकुम्वासी की पहचान किए जल्दबाजी में बस्तियों में डोजर चलाए जाने पर तीव्र आलोचना हो रही है। अनजान सुकुम्वासियों को नियंत्रित न कर नदी किनारे स्थित जो भी घर हैं, उनको भंग करना शुरू कर देने से नागरिकों के बीच भय व्याप्त हो गया है। खासतौर पर नदी किनारे रहने वाले घरमालिकों ने अपनी सुरक्षा के लिए घरों की दीवारों पर भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र चिपकाए हैं। बस्ती उठाने का कार्य निरंतर जारी रखते हुए आज धोबीखोला क्षेत्र में विशेष रूप से डोजर परिचालित किया गया है। डोजर के आने की सूचना मिलते ही वहाँ के निवासियों ने अपने घरों की दीवारों पर भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र टांग दिए। आज धोबीखोला के रुद्रमती मंदिर के निकट क्षेत्र में डोजर द्वारा बस्ती ध्वस्त करने का कार्य हुआ। तस्वीर : केशव सावद

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