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स्वास्थ्य क्षेत्र में दर्जनों पदाधिकारियों की हटौती, कौन-कौन हैं शामिल?

२० वैशाख, काठमाडौं। सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से चिकित्सा विश्वविद्यालय, स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, स्वास्थ्य बीमा बोर्ड और स्वास्थ्य संबंधी नियामक निकायों के दर्जनों पदाधिकारियों को पद से हटाया है। सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने शनिवार को विश्वविद्यालय सम्बंधित नेपाल अधिनियमों में संशोधन करने वाला अध्यादेश, स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान सम्बन्धी नेपाल अधिनियम में संशोधन करने वाला अध्यादेश और सार्वजनिक पदाधिकारियों की पदमुक्ति से जुड़ा विशेष व्यवस्था अध्यादेश–२०८३ जारी किया। इन अध्यादेशों के तहत पूर्व सरकार द्वारा नियुक्त उपकुलपति, रजिस्ट्रार, अध्यक्ष समेत विभिन्न पदाधिकारियों को पदमुक्त किया गया है।

अध्यादेश लागू होने के बाद सभी स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठानों के उपकुलपति और अन्य पदाधिकारी पदमुक्त हुए हैं। चिकित्सा विज्ञान राष्ट्रीय प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. भूपेन्द्रकुमार बस्नेत, रेक्टर डॉ. लोचन कार्की, रजिस्ट्रार डॉ. ज्ञानेन्द्र शाह और डीन डॉ. अशेष ढुंगाना को पद से हटाया गया है। बीपी कोइराला स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. विक्रमप्रसाद श्रेष्ठ, रेक्टर प्रो. डॉ. संजीवकुमार शर्मा, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. सूर्यप्रसाद संग्रौला और अस्पताल निर्देशक डॉ. जगतनारायण प्रसाद को भी पदमुक्त किया गया है।

इसी प्रकार, पाटन स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. बुद्धिप्रसाद पौडेल, रेक्टर डॉ. सिर्जना श्रेष्ठ, रजिस्ट्रार डॉ. पारसप्रसाद आचार्य, डीन डॉ. नेविशमान सिंह प्रधान और अस्पताल निदेशक डॉ. रवि शाक्य को पद से हटाया गया है। कर्णाली स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. पुजनकुमार रोकाय, रेक्टर डॉ. डबल बहादुर धामी और रजिस्ट्रार डॉ. लक्ष्मीचन्द्र महत भी पदमुक्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, पोखरा स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के उपकुलपति डॉ. भरतबहादुर खत्री को भी पद से हटाया गया है।

तथा, राप्ती स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान के रजिस्ट्रार समेत अन्य पदाधिकारी भी पदमुक्त हुए हैं। शहीद गंगालाल राष्ट्रीय हृदय केंद्र के कार्यकारी निर्देशक डॉ. रवि मल्ल और बीपी कोइराला मेमोरियल कैंसर अस्पताल के अध्यक्ष एवं कार्यकारी निदेशक भी पद से हटाए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अंजनीकुमार झा समेत चार निदेशकों को भी पदमुक्त किया गया है। नेपाल मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. चोपलाल भुसाल और सदस्य, नेपाल नर्सिंग परिषद की अध्यक्ष मुनाकुमारी थापा, रजिस्ट्रार शुक्ला खनाल समेत सदस्य भी अध्यादेश के तहत पदमुक्त हुए हैं।

इसी तरह, नेपाल स्वास्थ्य अनुसन्धान परिषद के अध्यक्ष डॉ. नारायणविक्रम थापा और सदस्य सचिव डॉ. प्रमोद जोशी भी पदमुक्त किए गए हैं। नेपाल आयुर्वेद चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष श्याममणि अधिकारी, रजिस्ट्रार दीपक भंडारी, नेपाल फार्मेसी परिषद के अध्यक्ष प्रज्वलजंग पांडे और रजिस्ट्रार संजीवकुमार पांडे, तथा नेपाल स्वास्थ्य व्यवसायी परिषद के अध्यक्ष सुवोध शर्मा को भी पद से हटाया गया है। स्वास्थ्य बीमा बोर्ड के ७ सदस्य भी पद से हटाए गए हैं। स्वास्थ्य बीमा अधिनियम, २०७४ के अंतर्गत नियुक्त अध्यक्ष चन्द्रबहादुर थापा क्षेत्री को भी पदमुक्त किया गया है।

डॉ. रघुराज काफ्ले ने कुछ महीने पहले इस्तीफा दिया था जिसके बाद बोर्ड में कार्यकारी निर्देशक का पद रिक्त है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. कृष्ण प्रसाद पौडेल को कार्यभार संभालने हेतु भेजा था, लेकिन उन्हें अस्वीकार करने के कारण बोर्ड नेतृत्व विहीन स्थिति में है। बोर्ड में सरकार द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ और बीमित प्रतिनिधि सदस्य भी होते हैं, कुल ७ मनोनीत पद इस अध्यादेश से प्रभावित हुए हैं। अध्यादेश के हिसाब से विभिन्न अधिनियमों के तहत नियुक्त पदाधिकारी भी पद से मुक्त हो जाएंगे। आयुर्वेद चिकित्सा परिषद अधिनियम–२०४५ के अनुसार नियुक्त ६ सदस्यीय पदाधिकारियों सहित कुलसचिव, नेपाल स्वास्थ्य अनुसन्धान परिषद अधिनियम–२०४७ के अनुसार नियुक्त ९ सदस्य तथा पशु स्वास्थ्य तथा पशु सेवा व्यवसायी परिषद् अधिनियम–२०७९ के अंतर्गत नियुक्त ५ पदाधिकारी पदमुक्त होंगे। इस प्रकार, विभिन्न स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अनुसन्धान सम्बन्धी अधिनियमों के तहत नियुक्त दर्जनों पदाधिकारी पद से हटाए गए हैं, जो सरकार के निर्णय का हिस्सा है।

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