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दक्षिण बागलुङ की १० किलोमीटर सड़क ७ वर्षों से कालोपत्रण से वंचित

बागलुङ की ग्रामीण सड़क। फाइल तस्वीर

कुश्मिसेरा–राङ्खानी खंड की १० किलोमीटर सड़क पर कालोपत्रण न होने के कारण दक्षिण बागलुङ के हजारों नागरिक कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। निर्माण कंपनी को २०७६ असोज में जिम्मेदारी मिली थी, लेकिन अब तक केवल ७८ प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है और पांच बार समय अवधि बढ़ाई जा चुकी है। गण्डकी प्रदेश सरकार ने रु २४ करोड़ ५८ लाख की लागत से कालोपत्रण का काम शुरू किया था, फिर भी कंपनी ने मूल्य वृद्धि के बहाने काम रोक दिया है।

२३ वैशाख, ढोरपाटन (बागलुङ) – दक्षिण बागलुङ के महत्वपूर्ण मार्ग माने जाने वाले कुश्मिसेरा–बरेङ–शान्तिपुर सड़क के पहले खंड में कालोपत्रण न होने के कारण यहाँ के हजारों नागरिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस पहले खंड के अंतर्गत आने वाले कुश्मिसेरा–राङ्खानी खंड की १० किलोमीटर सड़क कालोपत्रण न होने का मुख्य कारण निर्माण कंपनी की सुस्ती है। विसं २०७६ असोज २४ को शर्मा/क्याराभान जेवी ने दो वर्ष में कालोपत्रण पूरा करने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन अभी तक इसे पूरा नहीं किया गया है, जिससे यात्रियों और माल ढुलाई में परेशानी आ रही है।

विसं २०७८ असोज तक कालोपत्रण पूरा होना था, मगर अब तक कुलmilकर केवल ७८ प्रतिशत ही कार्य पूरा हुआ है। गण्डकी प्रदेश सरकार ने रु २४ करोड़ ५८ लाख की लागत से यह कार्य शुरू कराया था। पूर्वाधार विकास कार्यालय बागलुङ के इंजीनियर प्रकाश श्रीस के अनुसार निर्माण कंपनी शुरू से ही काम में उत्साह नहीं दिखा रही है और अब मूल्य वृद्धि को झूठा बहाना बनाकर काम रोक दिया है।

काम पूरा कराने के लिए दबाव डालने के बावजूद कंपनी अवज्ञा कर रही है और इसलिए प्रगति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा, ‘निर्माण कंपनी ने अब तक पाँच बार समय अवधि बढ़ाई है। अंतिम समय सीमा गत चैत ४ को समाप्त हुई थी। अब समय सीमा बढ़ाने या समझौता समाप्त करने को लेकर चर्चा चल रही है। कंपनी ने अब तक हुए काम की भुगतान प्राप्त कर ली है।’ श्रीस ने आगे बताया, ‘काम पूरा करने के लिए कई बार आग्रह किया, लेकिन कंपनी ने सहयोग नहीं दिया, कार्य ट्रैक पर न आ पाने के कारण पाँच साल पहले ही कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। अब महंगाई के कारण काम नहीं हो पाने का बहाना बना रही है।’

इसके विपरीत, उक्त सड़क के राङ्खानी–बरेङ खंड की कालोपत्रण दो वर्ष पहले ही पूर्ण हो चुकी है। इस खंड में निर्माण कंपनी लंबे समय तक सम्पर्क विहीन रही। जेमिनी नगरपालिका–१० राङ्खानी के भक्तबहादुर थापा ने कहा, ‘सड़क कालोपत्रण की आशा में सात साल बीत चुके हैं। गांव की सड़क पर रोज़ाना गाड़ियाँ चलती हैं, लेकिन सर्दियों में धूल और बरसात में कीचड़ घरों तक पहुँच जाता है’ और उन्होंने अपनी असंतुष्टि व्यक्त की। थापा के अनुसार, ‘पिच सड़क बनने की बात कई सालों से कही जा रही है, पर हालात वैसे ही हैं। सर्दियों में धूल इतनी होती है कि यह रसोई तक पहुँच जाती है और बरसात में गड्ढों की वजह से खेतों में पानी चला जाता है, इसका समाधान कब होगा, कोई जानकारी नहीं।’ स्थानीय पुष्पा श्रीस ने सड़क की दयनीय स्थिति के कारण माल ढुलाई और यात्रा में भारी कठिनाइयों की बात कही। उन्होंने बताया कि गाड़ी चालकों द्वारा खराब सड़क का हवाला देकर छोटी दूरी पर अधिक किराया लिया जाता है।

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