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ट्रम्पले भने- धेरै काम गर्न बाँकी छ, अझै ८-९ वर्ष राष्ट्रपति रहनेछु

ट्रम्प ने कहा- अभी बहुत काम बाकी है, 8-9 साल तक राष्ट्रपति बने रहने की योजना

समाचार सारांश

समीक्षाधीन र स्वतः सिर्जित।

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8-9 साल बाद ही पद छोड़ने का संकेत दिया है।
  • ट्रम्प ने तीसरे कार्यकाल के लिए अमेरिकी संविधान में संशोधन अनिवार्य होने की जानकारी दी।
  • संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत और 38 राज्यों की मंजूरी जरूरी है।

23 वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर राष्ट्रपति बनने की अपनी इच्छा जाहिर की है। व्हाइट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वे आगामी 8-9 साल बाद ही पद छोड़ेंगे।

यह सुनकर वहां मौजूद लोग हँसने लगे, जिस पर ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यह मजाक नहीं है और कहा, ‘मुझे काम करना पसंद है।’ उन्होंने बताया कि अभी उनका कार्यकाल शुरू हुआ है और बहुत सारा काम अभी बाकी है।

ट्रम्प अगले महीने 80 वर्ष के होने वाले हैं। उम्र को लेकर उन्होंने मजाक करते हुए कहा, ‘मैं बूढ़ा नहीं हूँ; बूढ़ों से ज्यादा जवान हूँ। मुझे आज भी वैसा ही महसूस होता है जैसे 50 साल पहले होता था।’

इससे पहले भी ट्रम्प कई बार तीसरे कार्यकाल के संकेत दे चुके हैं।

इससे पहले, एंडी ओगल्स ने 23 जनवरी 2025 को ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ (तह शीर्ष सदन) में एक विधेयक पेश किया था, जो अमेरिकी संविधान में संशोधन करके ट्रम्प को तीसरी बार राष्ट्रपति बनने का रास्ता खोलने का प्रयास कर रहा था।

यह प्रस्ताव कहता था कि ‘‘जो व्यक्ति लगातार दो बार राष्ट्रपति नहीं रहा, वह तीसरी बार चुनाव में हिस्सा ले सकता है।’ ट्रम्प को 2020 के चुनाव में हार मिली थी, इसलिए इस संशोधन के बाद वे फिर से राष्ट्रपति बन सकते थे।

लेकिन यह विधेयक सफल नहीं हो पाया और यहां तक मतदान तक भी नहीं पहुंच पाया। क्योंकि अमेरिकी संविधान में परिवर्तन करना कठिन है। दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है, जो आज रिपब्लिकन के पास नहीं है।

साथ ही, 50 में से कम से कम 38 राज्यों की मंजूरी भी जरूरी है। कई राज्यों में डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार होने के कारण ऐसे प्रस्ताव को पारित कराना मुश्किल माना जाता है।

73 साल पहले बने नियम को चुनौती

अमेरिका में पहले कोई व्यक्ति सिर्फ दो बार तक ही राष्ट्रपति बन सकता था, यह प्रावधान नहीं था। 1951 में 22वें संशोधन के जरिए संविधान में यह नियम जोड़ा गया।

जॉर्ज वॉशिंगटन ने दो कार्यकाल के बाद इस्तीफा दिया था, जिससे यह एक अनौपचारिक परंपरा बन गई। सभी राष्ट्रपतियों ने इसका पालन किया, लेकिन फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इसे तोड़ा, जो 1933 से 1945 तक चार बार राष्ट्रपति रहे।

क्या ट्रम्प संविधान संशोधन कर सकेंगे?

ट्रम्प को तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ना है तो उन्हें संविधान में संशोधन करना होगा, जो आसान नहीं है। इसके लिए सिनेट और हाउस दोनों में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। फिलहाल रिपब्लिकन के पास वह बहुमत नहीं है।

सिनेट में ट्रम्प की पार्टी के पास 100 सदस्यों में से 52 हैं। वहीं हाउस में 435 सदस्यों में रिपब्लिकन 220 हैं, जो दो-तिहाई (67%) से कम है।

अगर संविधान संशोधन होता भी है तो 50 राज्यों में से कम से कम 38 राज्य की मंजूरी जरूरी होगी।

ट्रम्प पुतिन की रणनीति अपना सकते हैं

ट्रम्प पहले भी कह चुके हैं कि वह दो कार्यकाल के बाद भी सत्ता बनाए रखना चाहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उन्हें तीसरा कार्यकाल नहीं मिल पाता है तो वह अन्य रास्ते अपना सकते हैं।

हैमिल्टन कॉलेज के प्रोफेसर फिलिप क्लिन्कनर ने बताया कि ट्रम्प 2028 में उपराष्ट्रपति बन सकते हैं और किसी अन्य को मात्रात्मक राष्ट्रपति बना सकते हैं। यह रणनीति पुतिन ने रूस में अपनाई थी। इसके अलावा परिवार के किसी सदस्य को राष्ट्रपति बनाकर भी सत्ता को पिछलग्गू तरीके से चलाया जा सकता है।

पुतिन 2000 से 2008 तक दो बार राष्ट्रपति रह चुके हैं और रूस के संविधान के अनुसार तीसरी बार बनना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने विश्वस्त दिमित्री मेदवेदेव को उस दौरान राष्ट्रपति बनाया था।

(एजेंसी सहयोग से)

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