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प्रधानमंत्री की मुस्कुराहट का दृश्य संसदीय अभिलेख से हटाने की मांग | एमाले की याचिका

समाचार सारांश: नेकपा एमाले ने सांसदों से प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह द्वारा संसद में दिखाई गई मुस्कुराहट के दृश्य को संसदीय अभिलेख से हटाने की मांग की है। एमाले सांसद गुरुप्रसाद बराल ने कहा कि प्रधानमंत्री का साइड टॉक करना संसदीय नियम का उल्लंघन है। बराल ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय पोशाक संबंधी विषय पर भी सभामुख के माध्यम से रूलिंग की मांग की है।

28 वैशाख, काठमाडौं। नेकपा एमाले ने संसद में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन) की मुस्कुराहट के दृश्यों को संसदीय अभिलेख से हटाने की मांग की है। सोमवार को संघीय संसद के संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने सरकार की नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत की। इसी दौरान प्रधानमंत्री द्वारा साइड टॉक किए जाने पर एमाले सांसद गुरुप्रसाद बराल ने विरोध जताया।

‘राष्ट्रपति के पूरे संबोधन के लगभग 15 मिनट फ्रंट लाइन में बैठे प्रधानमंत्री क्या संवाद कर रहे थे? क्या चर्चा हो रही थी? यह संसदीय मर्यादा के अनुसार उचित नहीं है और असभ्य प्रतीत होता है। इसलिए इसे अभिलेख से हटाना चाहिए ताकि भविष्य के लिए अच्छा उदाहरण स्थापित हो,’ सांसद बराल ने कहा।

नीति तथा कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले राष्ट्रपति पौडेल को धन्यवाद देने के लिए आयोजित प्रतिनिधि सभा की बैठक में सांसद बराल ने उक्त प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री बालेन की पोशाक संबंधी विषय पर भी सवाल उठाए।

‘प्रधानमंत्री को क्या दो राष्ट्रीय महत्व की बैठकों, संयुक्त सदन में भी राष्ट्रीय पोशाक पहनने की आवश्यकता नहीं है?’ उन्होंने प्रश्न करते हुए कहा, ‘इस प्रकार की कौन सी परंपरा चलेगी और कौन सी नहीं? हम देश में किस प्रकार की संस्कार स्थापित करना चाहते हैं? मैं इस विषय पर सभामुख महोदय के माध्यम से स्पष्ट रूलिंग की मांग करता हूँ।’

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