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एमाले सुदूरपश्चिम संसदीय दलको विवाद साम्य, रावलले गरे आत्मालोचना

नेकपा एमाले सुदूरपश्चिम संसदीय दल विवाद का समाधान, रावल ने की आत्मालोचना

नेकपा एमाले सुदूरपश्चिम प्रदेश संसदीय दल में उत्पन्न आंतरिक विवाद राजेन्द्र सिंह रावल द्वारा आत्मालोचना करने के बाद तत्काल के लिए सुलझ गया है। पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने सुदूरपश्चिम के सभी प्रदेशसभा सदस्यों को गुण्डु स्थित निवास में बुलाकर विवाद के विषय में चर्चा की। रावल पर लगे आरोप और नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर बातचीत में सरकार पुनर्गठन पर जोर दिया गया और ओली ने सभी सांसदों को एकजुट रहने का निर्देश दिया। ३० वैशाख, धनगढी।

संसदीय दल के नेता राजेन्द्र सिंह रावल द्वारा आत्मालोचना करने से दल के अंदर तनाव कम हुआ है। पार्टी अध्यक्ष ओली ने सुदूरपश्चिम के सभी प्रदेशसभा सदस्यों को गुण्डु स्थित निवास में बुलाकर विवादित विषयों पर बातचीत की। २३ बैशाख को पहले चरण में प्रदेश सांसदों से और उसके बाद उपमहासचिव लेखराज भट्ट, प्रदेश संयोजक गणेश ठगुन्ना, अध्यक्ष कृष्णप्रसाद जैशी तथा दल के नेता रावल से अलग-अलग संवाद किए गए थे।

चर्चा के दौरान रावल ने अपनी कार्यशैली और व्यवहार को लेकर उठे प्रश्नों पर आत्मालोचना करते हुए आने वाले दिनों में सभी के साथ सहयोग से आगे बढ़ने का आश्वासन दिया। रावल ने कहा कि यदि उनकी बोली या व्यवहार से किसी को असहजता हुई हो तो वे क्षमा चाहते हैं। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला कोई काम नहीं किया है। सरकार पुनर्गठन की मांग अध्यक्ष ओली की मौजूदगी में हुई बातचीत में रावल के सुधार का वचन देने के बाद संसदीय दल के नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे को कम महत्व मिला।

रावल को दल के नेता से हटाने की मांग के साथ उपनेता संतोष शर्मा थापा, प्रमुख सचेतक चक्र मल्ल और सांसद दमन भण्डारी ने अध्यक्ष ओली और महासचिव शंकर पोखरेल से अलग से बातचीत की। लेकिन गुण्डु में हुई बैठक में उन्होंने नेतृत्व परिवर्तन की तुलना में सरकार पुनर्गठन पर अधिक जोर दिया। बैठक में शामिल एक नेता के अनुसार, रावल की कार्यशैली प्रति असंतोष व्यक्त कर रहे नेताओं ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट से पहले मंत्रिमंडल पुनर्गठन कर उन्हें भी सरकार में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। अध्यक्ष ओली ने रावल को संसदीय दल में सभी सांसदों को एकजुट कर आगे बढ़ने का निर्देश दिया है।

सरकार पुनर्गठन के विषय में अन्य नेताओं से परामर्श कर निर्णय लेने का संकेत भी दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, नेपाली कांग्रेस के साथ सत्ता समीकरण बनाए रखने या नेकपा द्वारा प्रस्तुत नए राजनीतिक समीकरण बनाने के विषय में शीर्ष नेतृत्व में चर्चा जारी है। दूसरी ओर, संसदीय दल के नेता राजेन्द्र सिंह रावल ने अध्यक्ष ओली की उपस्थिति में हुई बैठक पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार किया है। उन्होंने इस विषय में अधिकारियों के साथ समझदारी की अपील की है। रावल पर बजट आवंटन, राजनीतिक नियुक्तियों और सरकार संचालन में एकदलीय रवैये का आरोप लगाते हुए कुछ प्रदेशसभा सदस्य लंबे समय से असंतुष्ट थे। विवाद बढ़ने पर स्वास्थ्य कारणों के चलते भी अध्यक्ष ओली सक्रिय होकर समाधान प्रक्रिया में जुटे थे। रावल को हटाने का दबाव बनाने वाले समूह ने फिलहाल उनकी कार्यशैली पर नजर रखी है और सुधार न होने पर आगे कदम उठाने की इच्छा जताई है।

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